भाजपा सांसद रामटहल चौधरी का बयान, आदिवासी शराब पर उड़ा रहे हैं अपनी कमाई

भाजपा सांसद रामटहल चौधरी का बयान, आदिवासी शराब पर उड़ा रहे हैं अपनी कमाई

Kapil Tiwari | Publish: Aug, 12 2018 02:06:36 PM (IST) राजनीति

बीजेपी सांसद ने कहा कि आदिवासी रोज रेडियो खरीदते थे और शराब के नशे में रेडियो तोड़ देते थे। आदिवासियों की इन्हीं हरकतों से उनके पास अब ना तो पैसे बचे हैं और ना ही रेडियो

रांची। झारखंड के रांची से भाजपा सांसद रामटहल चौधरी ने आदिवासियों को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है। इस बयान की वजह से ना सिर्फ उनकी बल्कि पार्टी की भी खूब किरकिरी हो रही है। रामटहल चौधरी ने कहा है कि आदिवासियों ने एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) से मिले पैसों का खूब दुरुपयोग किया है। इन लोगों ने उस पैसे को शराब और रेडियो में उड़ा दिया। आदिवासी रोज रेडियो खरीदते थे और शराब के नशे में रेडियो तोड़ देते थे। आदिवासियों की इन्हीं हरकतों से उनके पास अब ना तो पैसे बचे हैं और ना ही रेडियो।

आदिवासियों ने नशे पर उड़ाई है अपनी कमाई- रामटहल चौधरी
रामटहल चौधरी ने दावा किया है कि एचईसी की स्थापना के समय सामान्य वर्ग और आदिवासी समुदाय के लोगों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन इनमें सिर्फ सामान्य वर्ग के लोगों ने तो कड़ी मेहनत और लगन से अपने जीवन को सुधार लिया। सामान्य वर्ग के लोगों ने पैसे बचाकर खुद को स्थापित कर लिया। उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। वहीं आदिवासियों को नशे की लत ने बर्बाद कर दिया। इन लोगों ने अपनी कमाई को सिर्फ शराब और रेडियो पर बर्बाद कर दिया है।

कांग्रेस को भी लिया आड़े हाथों
आपको बता दें कि बीते शनिवार (11 अगस्त, 2018) भाजपा प्रदेश मुख्यालय में रामटहल चौधरी ने कहा कि लोगों की सोच और क्रियाकलाप से ही आर्थिक विकास होता है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। सांसद ने कहा कि आजादी से बाद से अब तक कांग्रेस ने पिछड़ों वर्ग का सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। मगर सत्ता में आई भाजपा ने उन्हें, उनका हक दिया।

प्रधानमंत्री ने पिछड़ी जाती के लोगों के बारे में सोचा- रामटहल चौधरी
सांसद ने आगे कहा, ’60 सालों से पिछड़ा आयोग गठित किए जाने की मांग की जा रही थी, मगर कांग्रेस ने कभी इसपर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा शक्ति के चलते पिछड़ी जाति आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। अब पिछड़ी जाति के छात्रों, युवाओं और महिलाओं को कई क्षेत्रों में लाभ मिलेगा। पिछड़ा वर्ग आयोग में करीब 130 जातियों को शामिल किया गया है। शिक्षा के स्तर और आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। ताकि उन्हें भी महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिल सके।’

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