नागरिकता संशोधन बिल: कल राज्‍यसभा से पास कराने के लिए ये है बीजेपी का नंबर गेम

  • राज्‍यसभा से पास कराने को लेकर शाह का फुलप्रूफ प्‍लान तैयार
  • राज्‍यसभा में विपक्ष हमेशा से मजबूत रहा है पलड़ा
  • बीजेपी को साधने होंगे पूर्वोत्तर राज्‍य के छोटे दलों को

Dhirendra Kumar Mishra

December, 1005:45 PM

नई दिल्‍ली। सोमवार को लोकसभा नागरिक संशोधन बिल 2019 पास कराने में मोदी सरकार को कोई परेशानी नहीं हुई। बुधवार को यही बिल राज्‍यसभा में पेश किया जाएगा लेकिन मोदी सरकार के लिए इस बिल को वहां से पास कराना आसान नहीं होगा। ऐसा इसलिए राज्‍यसभा में विपक्ष मजबूत स्थिति में है।

अगर इस बिल पर क्षेत्रीय पार्टियों का सहयोग लेने में मोदी सरकार विफल रही तो विपक्ष का पलड़ा मोदी सरकार पर भारी पड़ सकता है । हालांकि शाह ने जो प्‍लान तैयार किया है उसके मुताबिक मोदी सरकार को हराना भी विपक्ष के लिए आसान नहीं है।

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार को इन्हीं दलों के विरोध के कारण राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा कराने से पीछे हटना पड़ा था। दरअसल, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर काफी आक्रामक है। लेकिन मोदी सरकार ने जेडीयू और बीजेडी को अपने साथ कर सदन के अंकगणित को अपने पक्ष में कर लिया।

राज्‍यसभा का नंबरगेम

हालांकि पिछले दो सालों में बीजेपी और एनडीए की ताकत राज्यसभा में बेहतर हुई है। राज्यसभा में कुल सदस्य 245 हैं, लेकिन पांच सीटें रिक्त हैं। फिलहाल राज्‍यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 240 है। मतलब ये कि अगर सदन के सभी सदस्य मतदान करें तो बहुमत के लिए 121 वोट की जरूरत पड़ेगी।

उच्‍च सदन में ये है मोदी सरकार का आंकड़ा

नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोकसभा में मिले समर्थन के आधार पर राज्यसभा में आंकड़ों को देखें तो यह संख्या 121 है। इनमें बीजेपी के 83, बीजेडी के 7, एआइएडीएमके के 11, अकाली दल के 3, शिवसेना के 3, जेडीयू के 6 वाईएसआर कांग्रेस के 2, एलजेपी के 1, आरपीआई के 1 और 4 नामित राज्यसभा सदस्य हैं।

विपक्ष के पास 100 सदस्य

लेकिन नागरिकता संशोधन बिल पर विपक्ष का जिस तरह से रुख है उसको देखतो हुए विपक्ष राज्यसभा में मजबूत स्थिति में नजर नहीं आ रहा है। राज्यसभा में कांग्रेस के 46, टीएमसी के 13, सपा के 9, वामदल के 6 और डीएमके के 5 और आरजेडी, एनसीपी और बसपा के 4-4 सदस्य हैं। इसके के अलावा टीडीपी के 2, मुस्लिम लीग के 1 पीडीपी के 2, जेडीएस के 1, केरल कांग्रेस के 1 और टीआरएस के 6 सदस्य हैं। इस तरह विपक्ष के पास 100 सदस्य होते हैं।

शाह की इन दलों पर होगी नजर

सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ खड़े दलों के अलावा राज्यसभा में 19 सदस्य बचते हैं। इनके रुख पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा। इनमें असम गण परिषद के 1, बोडोलैंड पीपुल फ्रंट के 1, एमडीएमके 1, नागा पीपुल्स के 1, पीएमके के 1 और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 1 राज्यसभा सदस्य हैं। इसके अलावा 6 राज्यसभा सदस्य निर्दलीय और अन्य के हैं।

बता दें कि मोदी सरकार बुधवार को नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में पेश करेगी। नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में जेडीयू, शिवसेना, बीजेडी और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ आने की वजह से सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई। लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े। जबकि विपक्ष में केवल 80 वोट पड़े। अब मोदी सरकार की राज्यसभा में भी राह आसान मानी जा रही है।

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