जेएनयू हिंसा के लिए सोनिया गांधी ने मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

  • कहा- मोदी सरकार असंतोष की हर आवाज को दबा रही है।
  • कांग्रेस देश के हर छात्र-युवा के साथ मजबूती से खड़ी है।
  • सोनिया ने की इस हमले की कड़ी निंदा और स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग।

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में रविवार शाम हुई हिंसा (Violence at JNU campus) की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में सोमवार को सोनिया गांधी ने कहा कि जेएनयू में सत्ताधारी मोदी सरकार द्वारा उकसाए गए गुंडों ने भयानक और अभूतपूर्व हिंसा की, जोकि बहुत ही निराशाजनक और अस्वीकार्य है।

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सोनिया गांधी ने कहा, "भारत के युवाओं और छात्रों की आवाज का हर रोज मजाक उड़ाया जा रहा है। सत्ताधारी मोदी सरकार (Modi Governement) के उकसाने पर देश के युवाओं के ऊपर गुंडों ने भयानक और अभूतपूर्व हिंसा की है, जो कि बहुत ही निराशाजनक और अस्वीकार्य है।"

उन्होंने कहा, "रोजाना पूरे देश में मोदी सरकार की सरपरस्ती में बदमाशों या पुलिस द्वारा कैंपस और कॉलेजों पर छापेमारी की जा रही है।"

कांग्रेस अध्यक्ष (Sonia Gandhi) ने आगे कहा, "कल जेएनयू दिल्ली में छात्रों और शिक्षकों के ऊपर रूह कंपा देने वाला हमला, यह याद दिलाता है कि सरकार असंतोष की हर आवाज को दबाने और कुचलने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।"

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सोनिया ने आगे बताया, "छात्रों और युवाओं को एक सस्ती शिक्षा, बेहतर रोजगार, उज्जवल भविष्य और हमारे संपन्न लोकतंत्र में भाग लेने के अधिकार की जरूरत है। अफसोस की बात है कि मोदी सरकार (Modi Governement) इन सभी महात्वाकांक्षाओं को रोकना और दबाना चाहती है।"

सोनिया ने आखिर में लिखा, "पूरी कांग्रेस पार्टी भारत के युवाओं और छात्रों के साथ एकजुट है। हम जेएनयू (Violence at JNU campus) में प्रायोजित हिंसा का कड़ा विरोध करते हैं।"

गौरतलब है कि रविवार शाम को जेएनयू (Violence at JNU campus) के भीतर कुछ नकाबपोश लोग घुस गए थे और उन्होंने छात्रों और कुछ प्रोफेसरों पर लाठी-डंडों-रॉड से हमला कर दिया था। इस हमले में जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष आइशी घोष समेत 30 से ज्यादा छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।

इस घटना के बाद जेएनयू प्रशासन और तमाम राजनेताओं ने छात्रों पर हुए इस हमले की निंदा की थी और पुलिस से घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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अमित कुमार बाजपेयी
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