पाक से संबंध पर दिए गए चीनी राजदूत के बयान पर भड़की कांग्रेस, खड़ी हुई मोदी सरकार के साथ

पाक से संबंध पर दिए गए चीनी राजदूत के बयान पर भड़की कांग्रेस, खड़ी हुई मोदी सरकार के साथ

Mazkoor Alam | Publish: Jun, 19 2018 01:50:57 PM (IST) राजनीति

कांग्रेस ने कहा कि पार्टी चीनी राजदूत के त्रिकोणीय सहयोग के बयान की कड़ी निंदा करती है। पाक के मामले में तीसरे का हस्तक्षेप बर्दाश्‍त नहीं।

नई दिल्ली : भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने नई दिल्‍ली को नसीहत देते हुए कहा कि भारत और पाकिस्‍तान को अपने रिश्ते सुधारना चाहिए, क्‍योंकि वे दोनों दूसरे डोकलाम जैसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्‍होंने कहा कि सीमा विवाद में ऐसा हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए, जिसे दोनों पक्ष स्‍वीकार कर सकें। इसके अलावा झाओहुई ने दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता पर बातचीत करने और चीन, भारत व पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय सहयोग शुरू करने का भी आह्वान किया। इस बयान की तीखी निंदा भाजपा और कांग्रेस दोनों ने की है।

आमतौर पर चीनी राजदूत नहीं देते ऐसे बयान
आमतौर पर चीनी राजदूत इस तरह के बयान से खुद को दूर रखते हैं। इसलिए अनधिकृत रूप से चीन का ही बयान माना जा रहा है। झाओहुई ने कहा कि कुछ भारतीय मित्रों ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत भारत, चीन व पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय सहयोग शुरू करने की बात कही है, जो सकारात्मक सुझाव है। यह इसलिए भी संभव है, क्योंकि जब रूस, चीन व मंगोलिया के बीच सहयोग हो सकता है तो फिर इन तीनों देशों के बीच क्यों नहीं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ सुझाव भर है।

दिया चार सूत्री फॉमूला
चीनी राजदूत ने भारत-चीन का रिश्‍ता सुधारने के लिए चार सूत्रीय फॉर्मूला दिया है। इसमें पहला है दोस्ती व सहयोग पर व्यापक समझौता करना, दूसरा मुक्त व्यापार पर बातचीत। हालांकि इस बारे में भारत की सहमति है। चीनी राजदूत ने यह भी स्‍वीकार किया कि चीन को लेकर भारत की कई आशंकाएं हैं। यही वजह है कि इस दिशा में चीन पहल कर रहा है। वह भारत से आयात बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है। चीनी राजदूत ने अमरीका का नाम लिए बगैर कहा कि जिस तरह से बड़ी शक्तियां विकासशील देशों को आर्थिक तौर पर दबाने की कोशिश कर रही हैं, उसके मद्देनजर भारत-चीन के बीच बड़े सहयोग की संभावनाएं हैं। उनका तीसरा सुझाव कनेक्टिविटी प्रोजेक्‍ट्स साझा अभियान चलाने की है। उन्‍होंने कहा कि दोनों देश अफगानिस्तान में ऐसा कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं। चौथा सुझाव यह है कि सीमा विवाद का निपटारा शीघ्र हो।

विदेश मंत्रालय ने कहा, हस्‍तक्षेप मंजूर नहीं
चीनी राजदूत के इस बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्‍होंने कहा कि चीनी राजदूत की गई टिप्पणी हमने देखी है। चीन सरकार से हमें ऐसा कोई सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है। यह उनका निजी बयान है। भारत-पाक संबंध पूरी तरह द्विपक्षीय हैं। किसी किसी तीसरे के हस्‍तक्षेप की गुंजाइश नहीं।

भड़की कांग्रेस
झाओहुई इस सुझाव का कांग्रेस ने पूरी तरह खारिज कर दिया और उनके बयान की निंदा की। इतना ही नहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस मोदी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि पार्टी चीनी राजदूत के त्रिकोणीय सहयोग के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है। इस मामले में किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप हमें स्‍वीकार नहीं है।

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