लॉकडाउन में नुकसान हुए फलों से जुड़े किसानों के लिए एमआइएस स्किम लागू- नरेंद्र सिंह तोमर

पत्रिका कीनोट सलोन में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा का कृषि का क्षेत्र लॉकडाउन की स्थिति में खुला हुआ है। सरकार कृषि जीवन और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों के लिए पर्याप्त ध्यान रख रही है।

By: Prashant Jha

Published: 18 Apr 2020, 06:15 PM IST

नई दिल्ली। पत्रिका कीनोट सलोन में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा का कृषि का क्षेत्र लॉकडाउन की स्थिति में खुला हुआ है। रबी और खरीफ की फसल को लेकर किसान बिलकुल परेशान नहीं हो इसलिए राज्य सरकारों से मिलकर काम किया जा रहा है। उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोग सबसे ज्यादा परेशान हुए हैं। लॉकडाउन पालन करने में उनकी भूमिका अहम है। ऐसे हालात में तीन महीनों का खाद्यान्न मुफ्त में दिया गया है। साथ ही जनधन खाताधारकों को 500-500 रुपए देने का फैसला सरकार ने किया है। जिसमें पहली राशि खाते में पहुंच भी गई है।

मनरेगा के मजदूरों को डीबीडी के माध्यम से भुगतान कर दिया गया है। मनरेगा का काम आगे सुचारु रूप से चले साथ ही वैकल्पिक रोजगार के लिए केंद्र ने 33 हजार रुपए की मंजूरी दे दी है। ग्रामीण क्षेत्र के सभी कार्यों को काम करने की अनुमति दे दी गई है। सरकार कृषि जीवन और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों के लिए पर्याप्त ध्यान रख रही है।

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केंद्र सभी हितधारकों का पैसा वापस लौटाने का प्रयास कर रहा

आदर्श क्रेडिट सोसाइटी मामले पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आदर्श सोसाइटी का विषय मुख्य रूप लिक्वेशन में चली गई है। ऐसी परिस्थितियों में जब परिसमापक नियुक्त हो जाते हैं तो वो नियमों के मुताबिक कार्य कर रहे हैं और सबको आश्वस्त रहना चाहिए। केंद्र सभी हितधारकों का पैसा वापस लौटाने का प्रयास कर रहा है।

कृषि क्षेत्र को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ

वहीं फसल कटाई के समय लॉक डाउन से कृषि पर कितना प्रभाव पड़ा इसको लेकर अभी इस बारें में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, जितना मैं किसान की ताकत को समझता हूं। केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए ऐसा लगता है कि कृषि क्षेत्र को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।

90 दिन तक खरीद जारी रहेगी

पत्रिका कीनोट सलोन में नरेंद्र सिंह तोमर से जब सवाल किया गया कि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों के उपज खरीद के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं, उसपर उन्होंने कहा कि जो कोरोना प्रभावित क्षेत्र है, वहां पर ध्यान रखना आवश्यक है लेकिन अधिकतर ग्रामीण भारत के अधिकतर क्षेत्र कोरोना प्रभावित नहीं है। अभीतक अधिकतर शहरी क्षेत्र ही कोरोना के हॉटस्पॉट चिन्हित हुए हैं। खरीद के कार्य को विकेन्द्रित करने का फैसला किया गया है। जो राज्य की ओर से खरीद की तिथि घोषित होगी उसके 90 दिन तक खरीद जारी रहेगी, इसलिए किसी भी किसान को हड़बड़ाहट करने की आवश्यकता नहीं है।

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केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान निश्चित रूप से आवागमन पर्याप्त मात्रा में नहीं हुआ। हालाँकि सब्जियों के मामले में इतनी कठिनाई नहीं आई है। अब आवागमन अवरुद्ध न हो इसके लिए रेल भी चलाई गई है। के लिए ट्रेन भी चलाई जा रही हैं और ट्रकों को भी अनुमति दी गई है। फलों से जुड़े किसानों के लिए एमआइएस स्किम लागू की गई है।

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