किस्‍मत का फैसला: सुप्रीम कोर्ट में येदियुरप्‍पा के बहुमत वाली चिट्ठी पर सुनवाई थोड़ी देर में

किस्‍मत का फैसला: सुप्रीम कोर्ट में येदियुरप्‍पा के बहुमत वाली चिट्ठी पर सुनवाई थोड़ी देर में

Dhirendra Kumar Mishra | Publish: May, 18 2018 04:22:07 PM (IST) राजनीति

कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने से देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आज सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

नई दिल्ली। कर्नाटक में सरकार गठन को लेकर राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की याचिका पर कुछ देर बाद सुनवाई होगी। इससे पहले बृहस्पतिवार तड़के तक चली बहस में तीन जजों की संविधान पीठ ने येदियुरप्‍पा के शपथ ग्रहण लेने के राज्‍यपाल के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने कांग्रेस की याचिका को आज के लिए सुरक्षित रख लिया था। तीन जजों की पीठ ने सरकार बनाने के दावे के लिए येदियुरप्पा ने राज्यपाल को जो चिट्ठी लिखी थी उसे मंगाया था। आज उसी चिट्ठी के आधार पर बहस होनी है। यही कारण है कि सीएम येदियुरप्‍पा की सरकार के भविष्‍य को लेकर कयासबाजी का दौर पहले की तरह जारी है।

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कांग्रेस की मांग क्‍या है?

बुधवार देर रात कांग्रेस ने याचिका के जरिए मांग की थी कि येदियुरप्‍पा सरकार के शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए। राज्‍यपाल के फैसले कोर्ट खारिज करे। साथ ही विधानसभा में फ्लोर टेस्ट तक एक एंग्लो इंडियन विधायक को मनोनीत न करने की मांग की गई। जबकि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को यह अधिकार है कि वो राज्‍यपाल को एंग्लो इंडियन विधायक को मनोनीत करने का सुझाव दें। मंत्रिमंडल के सुझावों के अनुरूप राज्‍यपाल एंग्‍लो इंडियन विधायक मनोनीत कर सकते हैं।

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मसला फ्लोर टेस्टिंग तक टलने की उम्‍मीद

आपको बता दें कि राज्‍यपाल वजुभाई वाला द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए न्‍योता भेजने के खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस ने बुधवार रात सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी और तुरंत सुनवाई की अपील की थी। मामले की सुनवाई के लिए आधी रात के बाद कोर्ट खुला था। जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि वे येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण को रोक नहीं सकते हैं। हालांकि शीर्ष अदालत ने कांग्रेस की याचिका शुक्रवार को विचार के लिए अपने पास सुरक्षित रख लिया था। तीन जजों की पीठ ने सरकार बनाने के दावे के लिए येदियुरप्पा ने राज्यपाल को जो चिट्ठी लिखी थी उसे मंगाया है। सीएम येदियुरप्‍पा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दोनों चिट्ठी पेश की जाएंगी। उसी के आधार पर शीर्ष अदालत या तो विश्‍वास मत हासिल करने के लिए फ्लोर टेस्टिंग तक फैसला टाल दे।

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