तमिलनाडु: पलानीस्‍वामी सरकार पर मंडराया 'कर्नाटक क्राइसिस' का खतरा

Dhirendra Mishra

Publish: Jun, 14 2018 01:05:34 PM (IST)

राजनीति
तमिलनाडु: पलानीस्‍वामी सरकार पर मंडराया 'कर्नाटक क्राइसिस' का खतरा

टीटी दिनाकरण ने अपने गुट के 18 विधायकों टूटने के डर से घर पर बैठाया।

नई दिल्‍ली। दो साल बाद एक बार फिर तमिलनाडु राजनीतिक अस्थिरता के दुष्‍चक्र में फंस सकता है। यह स्थिति दिनाकरण द्वारा बागी 18 विधायकों को मद्रास हाईकोर्ट का फैसला आने से कुछ घंटे पहले अपने घर पर बैठा लेने से उत्‍पन्‍न हुई है। उन्‍होंने बताया है कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता तब दिनाकरण गुट के सभी विधायक हमारे घर पर ही बैठेंगे। आपको बता दें कि पार्टी व्हिप का उल्‍लंधन करने के आरोप में 2017 में इन विधायकों की सदस्‍यता निलंबित कर दी गई थी। विधानसभा स्‍पीकर के इस फैसले के खिलाफ बागी विधायक हाईकोर्ट चले गए थे। इन्‍हीं बागी विधायकों की सदस्‍यता को लेकर मद्रास हाईकोर्ट आज अपना फैसला सुनाने वाली है।

तमिलनाडु: बागी विधायकों की सदस्‍यता पर हाईकोर्ट का फैसला आज, संकट में पलानीस्‍वामी सरकार

दिनाकरण के कब्‍जे में 18 विधायक
इस मामले में सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। लगभग पांच महीने के लंबे इंतजार के बाद हाईकोर्ट का फैसला आज दोपहर एक बजे तक आने की उम्‍मीद है। इस बीच बागी विधायकों को लीड कर रहे टीटी दिनाकरण ने टूट फूट की आशंका को देखते हुए अपने घर बैठा लिया है। दिनाकरण के इस निर्णय से तमिलनाडु में एक बार राजनीतिक अस्थिरता के संकेत मिलने लगे हैं। दूसरी तरफ सीएम पलानीस्‍वामी सरकार पर 'कर्नाटक क्राइसिस' का संकट मंडरा गया है। हालांकि हाईकोर्ट फैसला अभी तक नहीं आया है। फैसला किसी के भी पक्ष में जा सकता है, लेकिन दिनाकरण ने जिस तरह से अपने गुट के 18 विधायकों को अपने घर बैठा लिया है उससे साफ है कि पलानीस्‍वामी की सरकार को खतरा हो सकता है।

कश्‍मीर पर राजनाथ के यूं बदले बोल, करने लगे हालात को संभालने की बात
कर्नाटक क्राइसिस क्‍यों?
करीब एक महीने पूर्व ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी। भाजपा को 224 में से 104 सीटें मिलीं। जबकि कांग्रेस को 80 और जेडीएस को 38 एवं दो सीटों पर निर्दलीय प्रत्‍याशियों को जीत मिली। राज्‍यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने के लिए बुला लिया था। लेकिन येदियुरप्‍पा सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई। उन्‍होंने इस्‍तीफा देने से पहले विधानसभा में कहा था कि कांग्रेस और जेडीएस ने अपने अपने विधायकों को होटल में कैंद कर लिया है। ऐसी स्थिति में जो विधायक अंतरआत्‍मा की आवाज पर भाजपा का समर्थन नहीं कर पाए। इसके बाद वहां पर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार बनीं। वही हालात तमिलनाडु में उभरने की संभावनाएं बनी हुई है। यहां पर सरकार पहले से ही अस्तित्‍व में है लेकिन हाईकोर्ट का फैसला बागी विधायक के पक्ष में आने पर सरकार अल्‍पमत में आ जाएगी। तमिलनाडु विधानसभा में विधायकों की संख्‍या 234 है। 113 विधायक एआईएडीएम पलानीस्‍वामी और पनीरसेलवम के पास हैं। एआईएडीएमके के ही 18 बागी विधायकों ने टीटी दिनाकरण के नेतृत्‍व में अपना अलग गुट बना रखा है। डीएमके के पास 89 विधायक हैं। एक निर्दलीय और एक आईयूएमएल के विधायक हैं। तीन विधायक एआईएडीएम के सहयोगी रहे हैं जो पलानीस्‍वामी सरकार के विरोध में खड़ें हैं। कांग्रेस के आठ आईयूएमएल एक सदस्‍य हैं। ऐसे में स्‍पीकर को छोड़कर पलानीस्‍वामी को सरकार बचाने के लिए चार और विधायकों की जरूरत पड़ेगी। अगर विरोधी गुट, आईयूएमएल और निर्दलीय विधायकों ने सरकार को समर्थन नहीं दिया तो पलानीस्‍वामी सरकार का वही हाल होगा जो कर्नाटक में बीएस येदियिुरप्‍पा सरकार की हुई।

ये हैं बागी विधायक
अयोग्य घोषित किए गए विधायकों के नाम थंगा तमिल सेलवन, आर मुरुगन, मारियुप कन्नेडी, के काथीरकमू, सी जयंती पद्मनाभन, पी पलनिअप्पन, वी सेंथिल बालाजी, सी मुथैया, पी वेत्रिवेल, एन जी पार्थीबन, एम कोठांदपानी, टीए एलुमलै, एम रंगासामी, आर थंगादुराई, आर बालासुब्रमणी, एसजी सुब्रमण्यम, आर सुंदरराज और के उमा महेरी हैं।

10 महीने पहले दिनाकरण दी थी चुनौती
आपको बता दें कि इन विधायकों ने अन्य लोगों के साथ बीते 22 अगस्त, 2017 को तमिलनाडु के राज्यपाल सी विद्यासागर से मुलाकात कर कहा था कि वह सीएम पलानीस्वामी में विश्वास खो चुके हैं, जिन्हें दिनाकरण ने चुनौती दी है। इन सभी विधायकों ने पलानीस्वामी-पन्नीरसेल्वम सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। उसके बाद पलानीस्‍वामी और पनीरसेल्‍वम ने आपस में हाथ मिलाकर सरकार बना ली। जबकि दिनाकरण गुट के बागी 18 विधायकों को पार्टी व्हिप के उल्‍लंघन के आरोप में विधानसभा की सदस्‍यता से निलंबित कर दिया था।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned