चुनावी चंदे को ना क्या बदलेगी राष्ट्रपति चुनाव की सूरत

चुनाव के दौरान उम्मीदवार चार से पांच गुना समय मोटी रकम दान देने वाले दानदाताओं के साथ बिताते हैं। इसके लिए वे फोन, कॉन्फ्रेंस, डिनर और दूसरे तरह के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

By: manish singh

Published: 03 Mar 2019, 06:10 AM IST

अमरीका की डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने घोषणा की है कि वे पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (पीएसी) से चुनाव लडऩे के लिए चंदा नहीं लेंगे। इस घोषणा से चुनावी हलचल पर असर पड़ेगा लेकिन इसका कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा, क्योंकि पीएसी एक उम्मीदवार को चंदे के तौर पर 3.5 लाख (5 हजार) डॉलर से अधिक की रकम नहीं दे सकती है।

सुपर पीएसी कुछ नियमों के अनुसार अलग तरीके से मदद करने का अधिकार रखती है। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन इस कड़ी में काफी आगे निकल चुकी हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि राजनीतिक पार्टियों को दान देने वाले लोगों से दूरी रखेंगी। इस चुनावी चंदे से डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ते आ रहे हैं। वॉरेन के इस फैसले से दूसरे डेमोके्रट उम्मीदवारों की मुश्किल बढ़ गई है जो दान की रकम से चुनाव लडऩे की तैयारी में थे। चुनावी विशेषज्ञों का मानना है इस तरह के फैसले से पूरी चुनावी रणनीति बदल सकती है जिसका असर चुनावों पर साफ दिखेगा।

उम्मीद है कि वॉरेन जैसे दूसरे उम्मीदवार भी फैसला लेंगे। चंदा लेने वाले अमीर लोगों की वे इच्छाएं पूरी नहीं होंगी जो चंदा देकर उम्मीदवारों से पूरी करवाते हैं। ऐसे प्रयासों से उम्मीदवारों का नजरिया भी पता चलेगा जिसका चुनावों पर असर दिखेगा।

हाथ नहीं मिलाऊंगी
वॉरेन कहती हैं कि इसके बाद भी अगर कोई हजारों की रकम दान में देना चाहता है तो वे उसे स्वीकार कर लेंगी पर इस बात का ध्यान रखें कि मैं दानदाता से हाथ मिलाने के लिए समय नहीं दे पाऊंगी, उससे आंखें मिलाने का वक्त नहीं है जो ज्यादातर राजनीतिक लोग करते हैं। इनके अभियान का संचालन कर रहे लोग फैसले को राजनीतिक उलटफेर बता रहे हैं।

वॉरेन को फायदा
2016 में बर्नी सैंडर्स के अभियान की तारीफ करनी होगी जिन्होंने छोटे चंदे से चुनाव लडऩे का फैसला किया था। इसमें कोई संदेह नहीं कि वॉरेन को उनके कदम का फायदा होगा और राष्ट्रपति चुनाव में असर दिखेगा। वॉरेन का चुनाव अभियान अर्थव्यवस्था और राजनीतिक सुधार पर टिका है। वे विरोधियों से खुलकर कह सकेंगी कि वे जनता के लिए बोलती हैं।

पॉल वॉल्डमैन, स्तंभकार, वाशिंगटन पोस्ट , वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत

manish singh Desk
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