कृषि बिल हंगामाः Ravi Shankar Prasad ने बताया संसद के इतिहास का शर्मनाक दिन

  • केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कही बात।
  • कृषि बिल को लेकर की गई कार्रवाई को संसद के इतिहास का शर्मनाक दिन बताया।
  • प्रसाद ( ravi shankar prasad ) ने कहा कि संसद में सांसदों के आचरण का बिहार और देश देगा जवाब।

 

नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ( ravi shankar prasad ) ने सोमवार को दो प्रमुख कृषि बिलों के पारित होने और उन्हें निलंबित करने के चेयरमैन के आदेश के बावजूद राज्यसभा छोड़ने से इनकार करने पर विपक्षी नेताओं को संसद में उनके अनियंत्रित आचरण के लिए फटकार लगाई है। इसके साथ ही उन्होंने इस सदन में की गई इस हरकत को संसद के इतिहास का सबसे शर्मनाक दिन करार दिया है।

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विपक्ष के इस दावे पर कि रविवार को मतदान के बिना बिल पारित किए गए थे, प्रसाद ने कहा कि उपसभापति ने सदन के वेल में चले गए संसद के सदस्यों (सांसदों) से 13 बार अपनी सीट पर लौटने के लिए कहा। उन्होंने कहा, "जब आप अपनी सीटों पर नहीं जाएंगे, तो मतदान कैसे हो सकता है।"

राज्यसभा अध्यक्ष पर शारीरिक रूप से हमला किए जाने की संभावना की ओर इशारा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "संसद के इतिहास में कल का दिन सबसे शर्मनाक था। अगर मार्शल नहीं बचाते तो कुछ सांसद उपसभापति को भी चोट पहुंचा देते। माइक टूट गया था, एक पार्टी के नेता ने नियम पुस्तिका फाड़ दी थी। लोकतंत्र लोक लाज से चलता है। माई वे ऑर द हाईवे की मानसिकता से विपक्ष ने जो शर्मनाक उदहारण कल राज्यसभा में प्रस्तुत किया वो निंदनीय है। आप उपसभापति पर हमला करेंगे, आप नियमों की धज्जियां उड़ाएंगे, आप मार्शल के साथ मार पीट करेंगे और फिर लोक तंत्र की दुहाई देंगे। ये नहीं चलेगा।"

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा, "सदन में हममें से किसी ने भी कथित रूप से जिम्मेदार सदस्यों द्वारा ऐसा शर्मनाक आचरण नहीं देखा है। मुझे संसद का सदस्य रहते अब 21वां वर्ष है। मैंने राज्यसभा में करीब 19 साल बिताए हैं और पीयूष जी ने भी। हममें से किसी ने भी कथित तौर पर जिम्मेदार सदस्यों जो मंत्री भी रहे हैं और जो सदन में उनकी पार्टियों के नेता भी हैं, के शर्मनाक आचरण को नहीं देखा है। वे नियमों और प्रक्रिया को जानते हैं फिर भी वे इस तरह का व्यवहार करते हैं।"

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प्रसाद ने कहा, "हरिवंश जी देश के एक बहुत सम्मानित बुद्धिजीवी, पत्रकार और संपादक हैं जो मेरे प्रान्त बिहार से आते हैं। जिस प्रकार से कांग्रेस, राजद और विपक्षी पार्टियों ने मिल कर सदन में उनका अपमान किया है उस से बिहार के लोग बहुत दुखी हैं। बिहार की जनता अपने इस सम्मानित सपूत के अपमान का जवाब देगी।"

उन्होंने आगे कहा कि रविवार को राज्यसभा में 110 सदस्य स्पष्ट रूप से विधेयक का समर्थन कर रहे थे। उन्होंने कहा, "सरकार की ओर से मैं फिर से कहना चाहूंगा कि सरकार के पास कल स्पष्ट बहुमत था। 110 वर्तमान सदस्य विधेयक का समर्थन कर रहे थे और केवल 72 लोगों ने इसका विरोध किया।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश और बिहार के लोग दूसरों को भड़काने के लिए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को जवाब देंगे। प्रसाद ने कहा, "देश के साथ-साथ बिहार राज्यसभा में हरिवंश जी के प्रति की गई कार्रवाई से बहुत पीड़ा में है। कांग्रेस और राजद न केवल चुप रहे बल्कि उन्होंने यह इसके लिए भी उकसाया कि हम इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाएंगे, लेकिन कांग्रेस और राजद को बिहार चुनाव के दौरान इसका जवाब देना होगा।"

अमित कुमार बाजपेयी
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