फारूक अब्दुल्ला बोले- हम आतंकी नहीं लेकिन ऐसा भारत भी मंजूर नहीं

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमें वो भारत चाहिए जिसका ख्वाब गांधी ने देखा था'

By: Chandra Prakash

Published: 16 Aug 2018, 04:27 PM IST

नई दिल्ली। नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला लगातार अपने तीखे बयानों की वजह से चर्चा में हैं। गुरूवार को विपक्षी दलों द्वारा आयोजित 'साझी विरासत बचाओ' सम्मेलन को अब्दुल्ला ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम ऐसे भारत को स्वीकार नहीं कर सकते हैं, जहां इंसान को एक समानता हासिल नहीं है। हमें वो भारत चाहिए जिसका ख्वाब गांधी ने देखा था।

हम आतकंवादी नहीं: फारूक अब्दुल्ला

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ' हम आतंकवादी नहीं है। भारत से अलग नहीं होना चाहते हैं। भारत विरोधी भी नहीं हैं। मगर हम उस भारत को तस्लीम (स्वीकार) नहीं करेंगे जहां इंसान को बराबरी नहीं है। फिर चाहे वो हिंदू हो, मुसलमान हो, सिख हो, ईसाई हो। हमें वो भारत चाहिए जिसका ख्वाब गांधी ने देखा था'

अनुच्छेद 35 (ए) में बदलाव पर जताया था ऐतराज

पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला कुछ दिन पहले यह कहकर सुर्खियों में आए थे कि उन्हें अनुच्छेद 35 (ए) में कोई भी बदलाव किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा कि आर्टिकल 35 (ए) में बदलाव के वो सख्त खिलाफ हैं और इसके लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे। अब्दुल्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ भी यह कह चुकी है कि केंद्र सरकार 35-(ए) में किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकती है। इसके बावजूद सरकार इसको लेकर जिस तरह का रुख दिखा रही है वो सिर्फ जम्मू कश्मीर के लोगों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।

पाकिस्तान से बातचीत की भी की वकालत

लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए अब्दुल्ला ने कहा, मेरी बात आपको भले ही पंसद न हो लेकिन जम्मू-कश्मीर में तब तक शांति नहीं होगी जब तक हम पाकिस्तान के साथ समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीद थी कि वह अटल बिहारी वाजपेयी जो नहीं कर पाए वह मोदी कर पाएंगे और पाकिस्तान से शांति समझौता करेंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु बम बनाने वाला देश उत्तर कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शांति समझौता किया। शांति स्थापित करने के लिए ट्रंप और पुतिन एक दूसरे से मिल रहे हैं।

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