चारा घोटाला: जज का खुलासा, लालू यादव के लोग मुझे फोन करते थे

लालू प्रसाद यादव को बहुचर्चित चारा घोटाले के एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत शुक्रवार को सजा का ऐलान करेगी।

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Updated: 04 Jan 2018, 06:11 PM IST

नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को बहुचर्चित चारा घोटाले में आज सजा का ऐलान होना था, लेकिन कल की तरह आज भी वो ऐलान टल गया है। अब लालू प्रसाद यादव समेत 16 आरोपियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। इसी बीच मामले की सुनवाई करने वाले जज की एक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है।

जज ने कहा- लालू के लोग करते थे फोन

सीबीआई कोर्ट के एक जज शिवपाल सिंह ने कहा कि उन्हें लालू यादव के लोगों के कॉल आते थे। लेकिन वह किसी से भी प्रभावित होकर फैसला नहीं सुनाएंगे। जज ने कहा कि वह कानून के अनुसार ही फैसला सुनाएंगे। हालांकि जज ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि, फोन करने वाले उनसे कहते क्या थे।

लालू के वकील की दलील

आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव के अलावा इस मामले में 16 अन्य लोग आरोपी हैं, जिनको आज ही सजा सुनाई जानी थी। इससे पहले सजा का ऐलान बुधवार को होना था, लेकिन समय को लेकर हुई बहस और लालू के वकील की दलील के चलते ऐलान को आज के लिए टाल दिया गया था। बुधवार को लालू प्रसाद यादव की कोर्ट में पेशी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गयी थी।

क्या है पूरा मामला

यह मामला 1990-1994 के बीच देवघर के सरकारी कोषागार से 89.27 लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। इस मामले में सीबीआई जज ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव समेत 16 अन्य लोगों को दोषी करार दिया है, बता दें कि इस मामले में 22 आरोपियों में से लालू समेत 16 लोगों को आरोपी घोषित किया गया है।

कोर्ट परिसर में नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगा था जमावड़ा

इससे पहले अदालत परिसर में बड़ी संख्या में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से गहमा-गहमी का माहौल रहा, इसी वजह से कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इस मामले में सभी आरोपियों को अदालत में बुधवार ही सजा सुनाया जाना था , लेकिन वकील विदेंश्वरी प्रसाद के निधन के बाद इस फैसले की सुनवाई शुक्रवार तक टाल दिया गया। जिसके बाद लालू समेत सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में वापस लेते हुए बिरसा मुंडा जेल भेजा दिया गया।

लालू प्रसाद की ओर से कम से कम सजा सुनाने का आग्रह

हालांकि खुद पर चल रहे मुकदमें के बारे में लालू और उनके सहयोगियों ने कहा है कि उनपर और साथ ही अन्य राजनीतिक लोगों पर चल रहे मुकदमे बीजेपी की साजिश है। साथ लालू के परिवार ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। लालू प्रसाद की ओर से अदालत में कम से कम सजा सुनाने का आग्रह किया गया है, यदि उन्हें तीन वर्ष से कम कारावास की सजा होगी, तो सीबीआई कोर्ट से ही जमानत मिल जाएगी, लेकिन तीन वर्ष से अधिक सजा होने पर उन्हें उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर करनी होगी। जानकारों का यह भी कहना है कि सीबीआई की विशेष अदालत आज सजा के बिन्दुओं पर सुनवाई के साथ ही दोषियों को सजा भी सुना सकती है,यह भी हो सकता है कि अदालत सभी दोषियों के विरूद्ध सुनवाई करने के बाद एक साथ सजा सुनाए।

सीबीआई कोर्ट ने लगाई है लालू पर ये धाराएं

इससे पहले लालू यादव समेत 16 आरोपियों को चारा घोटाले में 23 दिसंबर को दोषी करार दिया गया था और सजा के ऐलान को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने देवघर कोषागार से 89 लाख़, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में सभी को दोषी ठहराया था। इस मामले में बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और ध्रुव भगत समेत 6 लोगों को बरी कर दिया गया था। लालू समेत 16 दोषियों पर अदालत ने धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप में आईपीसी की धारा 420, 120 बी और पीसी एक्ट की धारा 13( 2) के तहत आरोप तय किए हैं।

कोर्ट के खिलाफ़ बयानबाजी के मामले में 4 को अवमानना नोटिस

इधर, कोर्ट के खिलाफ़ बयानबाजी के मामले में तेजस्वी यादव , रघुवंश प्रसाद सिंह समेत 4 को अवमानना नोटिस जारी। रांची सीबीआई की विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी एवं शिवानंद तिवारी के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह नोटिस अदालत के 23 दिसंबर के फैसले के खिलाफ बयान देने पर जारी किया है। 23 जनवरी को यह अदालत के समक्ष पेश होंगे।

लालू के खिलाफ और भी हैं मामले

गौरतलब है इससे पहले साल 2013 में अदालत ने लालू को एक अन्य मामले में दोषी पाते हुए उनपर पांच साल की सजा और 25 लाख का जुर्माना लगाया था। यह मामला चाईबासा कोषागार से 37.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का था। सीबीआई सूत्रों के अनुसार लालू के नाम पर इसके अलावा पांच मामले झारखंड में और एक मामला बिहार में दर्ज है।

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