दिल्‍ली में ग्रीन एक्टिविस्‍टों का हंगामा, बचाव में उतरे मंत्री हरदीप पुरी ने कहा एक पेड़ के बदले लगाएंगे दस पौधे

दिल्‍ली में ग्रीन एक्टिविस्‍टों का हंगामा, बचाव में उतरे मंत्री हरदीप पुरी ने कहा एक पेड़ के बदले लगाएंगे दस पौधे

Dhirendra Kumar Mishra | Updated: 25 Jun 2018, 11:00:05 AM (IST) राजनीति

दक्षिण दिल्‍ली की सात कॉलोनियों में पहले से तीन गुना ज्‍यादा हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्‍ली। दक्षिण दिल्‍ली में सात कॉलोनियों में हजारों पेड़ काटने को लेकर हंगामा मचा है। इसके खिलाफ ग्रीन एक्टिविस्‍ट सड़कों पर उतर आए हैं। आम आदमी पार्टी भी इसके विरोध में उतर आई है। विरोध के बीच केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी सात कॉलोनी के पुनर्विकास के बचाव में उतर आए हैं। उन्‍होंने कहा है कि जब से मैं मंत्री हूं कोई पेड़ नहीं काटा गया है। विकास कार्यों की वजह से पेड़ को काटने की जरूरत पड़ी तो उसके बदले 10 पौघे लगाए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि दक्षिण दिल्‍ली की सात कॉलोनी को नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। इस बार इन कॉलोनी का विकास एक दीर्घकालिक योजना के तहत हो रहा है। इस योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित सभी पहलुओं का खासतौर से ख्‍याल रखा जाएगा। इन कॉलोनियों को विकसित करने के क्रम में हरित क्षेत्र बढ़कर पहले की तुलना तीन गुना ज्‍यादा हो जाएगा।

युवाओं की चिंता जायत, उग्र होने की जरूरत नहीं
उन्‍होंने कहा कि हरित क्रांति को लेकर सक्रिय युवाओं की चिंता जायज है लेकिन विकास कार्यों की स्‍वरूप के समझे बगैर तेजी से और आक्रामक तरीके से प्रतिक्रिया देना भी वाजिब नहीं है। युवाओं को इस बात से बचने की जरूरत है। पहले इस बात की जानकारी हासिल करने चाहिए कि जो काम हो रहा है और पेट काटे जा रहे हैं उसकी क्षतिपूर्ति को लेकर शहरी विकास एजेंट का प्‍लान क्‍या है। इस बात को जाने बगैर अगर उग्र प्रदर्शन होता है कि इससे अजीब से स्थिति उत्‍पन्‍न हो जाती है और लोगों के बीच भ्रम का वातावरणा बनता है। उन्‍होंने कहा कि सात कॉलोनियों के पुनर्विकास के क्रम में हरित क्षेत्र को पहले से ज्‍यादा विकसित करने की भी योजना है।

पेड़ काटने की योजना पर हंगामा
आपको बता दें कि दिल्ली सहित पूरी दुनिया के लोग पर्यावरण के असंतुलन से परेशान हैं। पर्यावरण के बिगड़ते असंतुलन के कारण दुनिया भर में लोगों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं दिल्ली में पर्यावरण की परवाह किए बिना दक्षिण दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास बनाने की तैयारी है। सरकारी कर्मचारियों को आवास मुहैया कराने के लिए यहां की कुछ कॉलोनियों से करीब 17,000 पेड़ काटे जाने हैं। इनमें से करीब 3,000 पेड़ काटे जा चुके हैं। अब इस मुहिम के खिलाफ दिल्ली के लोग सड़क पर उतर आए हैं।

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