गुरदासपुर उपचुनावः कांग्रेस व भाजपा में लॉबिंग, आप ने रिटायर्ड मेजर खजूरिया को उतारा

गुरदासपुर उपचुनावः कांग्रेस व भाजपा में लॉबिंग, आप ने रिटायर्ड मेजर खजूरिया को उतारा

| Updated: 17 Sep 2017, 08:24:12 PM (IST) राजनीति

अप्रेल में विनोद खन्ना के निधन से यह सीट रिक्त हुई थी। उपचुनाव में विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना भी भाजपा की टिकट की दावेदार हैं।

चंडीगढ: पंजाब में आगामी 11 अक्टूबर को होने वाले गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने रविवार को रिटायर्ड मेजर जनरल सुरेश खजूरिया को उम्मीदवार घोषित कर दिया, जबकि भाजपा-कांग्रेस में उम्मीदवारी को लेकर जबरदस्त लॉबिंग चल रही है। पिछले अप्रेल में विनोद खन्ना के निधन से यह सीट रिक्त हुई थी। उपचुनाव में विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना भी भाजपा की टिकट की दावेदार हैं। इसके अलावा स्थानीय भाजपा नेता स्वर्ण सलारिया व पठानकोट के पूर्व भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा भी दावेदारी जता रहे हैं।

एक्टर विनोद खन्ना भाजपा के टिकट पर इस सीट से चार बार लोकसभा में पहुंचे थे। हालांकि वर्ष 2009 के आम चुनाव में वे कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा के मुकाबले कुछ हजार वोटों के मामूली अन्तर से हार गए थे लेकिन वर्ष 2014 के आम चुनाव में विनोद खन्ना ने प्रताप सिंह बाजवा को एक लाख से अधिक वोटों के बडे अन्तर से हराया था। समझा यह भी जा रहा है कि लोकसभा क्षेत्र में विनोद खन्ना की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा द्वारा उनकी पत्नी कविता खन्ना को ही उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है।

उधर, कांग्रेस की ओर से पंजाब प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा इस उपचुनाव में अपनी पत्नी चरणजीत कौर बाजवा को टिकट दिलाना चाहते हैं। चरणजीत कौर बाजवा गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र की कादियान विधानसभा सीट से विधायक रही हैं। पिछले फरवरी के विधानसभा चुनाव में चरणजीत कौर ने अपनी सीट प्रताप सिंह बाजवा के भाई फतेह जंग बाजवा के लिए छोड़ी थी।

फतेह जंग अब कादियान से कांग्रेस विधायक हैं और उपचुनाव में अपनी भाभी को टिकट दिलाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस में पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ के लिए भी लॉबिंग हो रही है। हालांकि दूसरा गुट जाखड़ को गुरदासपुर के लिए बाहरी व हिन्दू चेहरा बताते हुए इस मांग को खारिज करने का दबाव बनाए हुए है। वैसे माना जा रहा है कि कांग्रेस का उम्मीदवार तय करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की राय भी ली जाएगी और अमरिंदर सिंह पहले से ही सुनील जाखड़ के पक्ष में हैं।

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