कश्मीर मुद्दे पर 'विवादित बयान' देने वाले हसीब द्राबू को महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट से निकाला

कश्मीर मुद्दे पर 'विवादित बयान' देने वाले हसीब द्राबू को महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट से निकाला

Kapil Tiwari | Publish: Mar, 12 2018 08:50:10 PM (IST) | Updated: Mar, 12 2018 08:51:59 PM (IST) राजनीति

कश्मीर को लेकर दिए बयान के बाद हसीब द्राबू को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया गया है।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर सरकार में वित्त मंत्री हसीब द्राबू को उनके विवादित बयान की वजह से कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया गया है। आपको बता दें की हसीब द्राबू को राज्य की सत्ताधारी पार्टी पीडीपी का कद्दावर नेता भी माना जाता है। उनके एक विवादित बयान की वजह से उन्हें राज्य की पीडीपी-बीजेपी सरकार में वित्त मंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया गया है। इससे पहले कश्मीर को लेकर दिए उनके बयान पर पीडीपी की तरफ से द्राबू को नोटिस जारी किया गया था, जिसके जवाब में वो अपना स्पष्टीकरण सही से नहीं दे पाए थे और उन्हें कैबिनेट में उनके पद से हटा दिया गया।

हसीब द्राबू ने कश्मीर मुद्दे को बताया था सामाजिक विषय
आपको बता दें कि रविवार को दिल्ली में हसीब द्राबू ने कश्मीर के मुद्दे को लेकर कहा था कि कश्मीर की समस्या एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि ये एक सामाजिक विषय है। उनके इस बयान को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी मानते हुए पार्टी हाईकमान ने उन्हें एक नोटिस जारी किया था और इसका जवाब देने को कहा था।

महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट से किया बर्खास्त
बताया जा रहा है कि इस नोटिस के बाद द्राबू ने सोमवार को शीर्ष नेतृत्व को अपना जवाब भेजा था, लेकिन अपने जवाब में वो अपना स्पष्टीकरण ठीक से नहीं दे पाए। जिसके बाद उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सीएम महबूबा मुफ्ती ने हसीब द्राबू को राज्य कैबिनेट से बर्खास्त करने के लिए राज्यपाल एन एन वोहरा को अपना पत्र भेज दिया। हालांकि अब तक पीडीपी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

PDP ने कहा- कश्मीर का मुद्दा राजनीतिक है
हसीब द्राबू के बयान को लेकर पीडीपी के उपाध्यक्ष सरताज मदनी ने कहा था कि पीडीपी कश्मीर के विषय को एक राजनीतिक मुद्दा मानती है और पार्टी ने अपनी स्थापना के वक्त से ही इस मुद्दे को बातचीत के जरिये हल करने पर जोर दिया है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के कोर एजेंडे से जुड़े किसी विषय पर बयान देते समय थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।

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