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कांग्रेस शासन में स्वास्थ्य सेवाएं चिंताजनक स्थिति में

अशोक ने स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पेट्रोल और डीजल पर कर बढ़ाने के सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली सरकार के कदम की आलोचना करते हुए सरकार पर राज्य के विकास को रोकने का आरोप लगाया।

बैंगलोरJun 21, 2024 / 08:56 pm

Nikhil Kumar

– जीआइएमएस और एसजेआइसीएसआर के हालात का जायजा लेने के बाद बोले अशोक

विधानसभा में विपक्ष के नेता R. Ashoka ने गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआइएमएस) और जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च (एसजेआइसीएसआर) के हालात का निरीक्षण किया। हाल ही में एसजेआइसीएसआर में चिकित्सकों को पानी की कमी के कारण सर्जरी स्थगित करनी पड़ी थी। जीआइएमएस में 15 जून को एक मरीज की मौत हो गई थी। आरोपों के अनुसार चिकित्सकों ने घंटों इंतजार करने के बाद भी उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया था।
मरीजों से बातचीत करने के बाद, अशोक ने कई शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताई, जिसमें एक मरीज और उसके परिजनों के साथ अस्पतालकर्मियों का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार भी शामिल था। उन्होंने साफ-सफाई से जुड़े मुद्दों पर भी गौर किया और अधिकारियों को साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पानी की समस्या दूर करे सरकार

अशोक ने एसजेआइसीएसआर के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. वीरेश पाटिल और जीआइएमएस के निदेशक-सह-डीन एस.आर. उमेश सहित चिकित्सा अधीक्षक सी.आर. शिवकुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा। इन्होंने बताया कि अस्पताल में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण कुछ सर्जरी स्थगित कर दी गई थीं। हालांकि, मरीजों को दी जा रही अन्य सुविधाओं और उपचार में कोई व्यवधान नहीं आया। अशाक ने अस्पताल भवन में पानी की कमी को स्थाई रूप से दूर करने के लिए कम-से-कम 20 लाख रुपए आवंटित करने का आग्रह किया।
डॉ. मंजूनाथ के प्रयासों का नतीजा

बाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अशोक ने जीआइएमएस और एसजेआइसीएसआर में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि एसजेआइसीएसआर के तत्कालीन निदेशक डॉ. सी.एन. मंजूनाथ के अथक प्रयासों से एसजेआइसीएसआर प्रमुख हृदय अस्पताल बना। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि मरीजों को भर्ती करने से मना करना, हृदय शल्य चिकित्सा को स्थगित करना दर्शाता है कि कांग्रेस शासन के तहत स्वास्थ्य सेवाएं बेहद खराब हैं।
एनडीए के शासन में अधिक धनराशि

अशोक ने कहा, एनडीए शासन में राज्य को यूपीए शासन की तुलना में चार गुना अधिक धनराशि मिली है। यदि आप रिकॉर्ड देखें तो भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने राज्य को सड़क, रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं के लिए आवंटित किया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमय्या ने ईंधन की कीमतें बढ़ाने के राज्य सरकार के कदम का बचाव करते हुए कहा है कि सरकार ने विकास को वित्तपोषित करने के लिए ईंधन पर कर संशोधित किया है जबकि उनके अपने कैबिनेट सहयोगी एवं बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने स्वीकार किया है कि गारंटी योजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए ईंधन कर बढ़ाया गया था।
विरोध प्रदर्शन

अशोक ने स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पेट्रोल और डीजल पर कर बढ़ाने के सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली सरकार के कदम की आलोचना करते हुए सरकार पर राज्य के विकास को रोकने का आरोप लगाया।
आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं

उन्होंने कहा कि Siddaramaiah को केंद्र पर आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि कांग्रेस सरकार द्वारा पांच गारंटियों के कार्यान्वयन के कारण राज्य के पास धन की कमी हो रही है। जब सिद्धरामय्या विपक्ष में थे, तब उन्होंने Petrol की कीमतों में वृद्धि का विरोध किया था। सिद्धरामय्या राज्य के वित्त को ठीक से संभालने में विफल रहे हैं और उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। अशोक और अन्य भाजपा नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।

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