जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की बड़ी बैठक, विधानसभा सीटों के परिसीमन पर विचार

जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह की बड़ी बैठक, विधानसभा सीटों के परिसीमन पर विचार

Kaushlendra Pathak | Updated: 05 Jun 2019, 08:20:32 AM (IST) राजनीति

  • विधानसभा चुनाव से पहले नए सिरे से परिसीमन की तैयारी
  • अनुसूचित जाति के लिए कुछ सीटें आरक्षित की जा सकती हैं
  • सरकार के इस फैसले से घाटी में बढ़ सकता है विवाद

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद अमित शाह पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। पिछले तीन दिनों में अमित शाह ने एक के बाद एक कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। वहीं, मंगलवार को भी जम्मू-कश्मीर को लेकर अमित शाह ने एक बैठक की। इस बैठक में गृह सचिव राजीव गौबा, कश्मीर के एडिशनल सचिव ज्ञानेश कुमार समेत कई अफसर मौजूद रहे। बैठक में जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से परिसीमन और इसके लिए आयोग गठन पर विचार किया गया।

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jammu kashmir

जम्मू-कश्मीर में नये सिरे से परिसीमन की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर को लेकर गृह मंत्रालय में अमित शाह ने बड़ी बैठक की। बैठक में जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से परिसीमन पर विचार किया गया। साथ ही इसके लिए आयोग के गठन पर भी चर्चा की। जानकारी के अनुसार इस बाबत अमित शाह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से पहले ही बात कर चुके हैं।

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रिपोर्ट के बाद कुछ सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। ऐसे माना जा रहा है कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले ही सरकार इसे लेकर कोई बड़ा कदम उठा सकती है। इतना नहीं चर्चा यह भी है कि सरकार के इस कदम से घाटी में नया विवाद भी पैदा हो सकता है।

अचानक क्यों उठा परिसीमन का मुद्दा?

जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 1995 में तत्कालीन गवर्नर जगमोह के आदेश पर परिसीमन हुआ था। परिसीमन के बाद प्रदेश में 87 विधानसभा सीटों को गठन किया गया। लेकिन, सवाल यह उठ रहा है कि 24 साल बाद अचानक घाटी में परिसीमन जिन्न क्यों जागा है। दरअसल, काफी समय से घाटी में बीजेपी अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने में जुटी है। प्रदेश में किसी भी सीट पर आरक्षण नहीं है। ऐसे में केन्द्र सरकार घाटी में इसलिए परिसीमन करना चाहती है ताकि SC और ST के लिए सीटों के आरक्षण की नई व्यवस्था लागू हो सके। इससे चुनाव में बीजेपी को फायदा होने की उम्मीदे हैं। प्रदेश में अभी 11 फीसदी गुर्जर बकरवाल और गद्दी जनजाति समुदाय के लोगों की आबादी है। कयास लगाया जा रहा है कि परिसीमन से प्रदेश के सामाजिक समीकरणों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

खाली है 24 सीटें

वर्तमान में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अंदर कुल 111 सीटें है। लेकिन, अभी केवल 87 सीटों पर ही चुनाव होता है। जबकि, 24 सीटों को पीओके के लिए खाली छोड़ा गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि जम्मू-कश्मीर का अपना अलग संविधान है और सेक्शन-47 के अनुसार इन सीटों को खाली रखा गया है।

घाटी में विधानसभा सीटों का समीकरण

जम्मू में सीटों की संख्या कश्मीर में सीटों की संख्या POK में सीटों की संख्या लद्दाख
37 46 24 4
amit shah

जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखें- शाह

इस बैठक से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। शाह ने कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन की भी रिपोर्ट ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में शाह ने सुरक्षाबलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी आलोचना से प्रभावित न हों और राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखें।

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सोमवार को भी शाह ने की थी बैठक

इससे पहले सोमवार को भी गृह मंत्री अमित शाह ने कई बैठकें कीं। सबसे पहले आंतरिक सुरक्षा को लेकर शाह ने गृह सचिव, आईबी और रॉ चीफ के साथ बैठक की। इस बैठक में NSA अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। इसके बाद शाह ने अर्द्ध सैनिक बलों के महानिदेशकों के साथ भी बैठकें कीं और सारे अपडेट लिए।

 

terrorist

आतंकियों की नई लिस्ट जारी

वहीं, केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में उन 10 आतंकियों की हिट लिस्ट जारी कर दी है, जो कश्मीर में बंदूक थामे साजिश और खूनी प्लान में जुटे हैं। इनमें टॉप पर रियाज नायकू का नाम है और जैश से लेकर लश्कर- हिजुबल जैसे आतंकियों के सफाए की डेडलाइन भी तय कर दी गई है।

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ऐसा कहा जा रहा है कि खुफिया एजेंसी के नए प्लान के मुताबिक सभी टॉप 10 आतंकियों का जल्द सफाया किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घाटी में 287 आतंकी अब भी सक्रिय हैं।

1. रियाज नाइकू उर्फ मोहम्मद बिन कासिम

- A++ श्रेणी का आंतकी

- बांदीपोरा का रहने वाला है

- 2010 से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल

2. वसीम अहमद उर्फ ओसामा

ये लश्कर-ए-तैयबा का शोपियां का डिस्ट्रिक्ट कमांडर

3. मोहम्मद अशरफ खान उर्फ अशरफ मौलवी

- यह हिज्बुल मुजाहिद्दीन संगठन का आतंकी है और अनंतनाग में सक्रिय है

4. मेहराजुद्दीन

हिज्बुल मुजाहिद्दीन का आतंकी, बारामूला का डिस्ट्रिक्ट कमांडर है।

5. डॉ. सैफुल्ला उर्फ सैफुल्ला मीर उर्फ डॉ सैफ

- श्रीनगर में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कैडर को बढ़ाने में ये मदद कर रहा है।

6. अरशद उल हक

- हिज्बुल मुजाहिद्दीन का ये आतंकी पुलवामा का जिला कमांडर है। A++ कैटेगरी के इस आतंकी को सुरक्षा बलों ने हिट लिस्ट में शामिल किया है।

7. हाफिज उमर

- पाकिस्तान का रहने वाला JeM का आतंकी है, जो कश्मीर में बालाकोट कैंप से ट्रेनिंग कैंप से ट्रेनिंग लेकर भारत में घुसा था। अभी आतंकी संगठन जैश का चीफ ऑपरेशनल कमांडर है।

8. जाहिद शेख उर्फ उमर अफगानी

- जैश-ए-मोहम्मद का है ये आतंकी। अफगानिस्तान में नाटो फोर्सेज के साथ लड़ाई लड़ चुका है।

9. जावेद मट्टू उर्फ फैसल उर्फ साकिब उर्फ मुसैब

अल बदर आतंकी संगठन से जुड़ा है जावेद मट्टू। नॉर्थ कश्मीर में अल बदर का डिविजनल कमांडर है।

10. एजाज अहमद मलिक

कुपवाड़ा में हिज्बुल मुजाहिद्दीन का डिस्ट्रिक्ट कमांडर नियुक्त किया गया है।

 

 

 

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