मुझे किसी से हिंदुत्व का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं: उद्धव ठाकरे

  • उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल कोश्यारी से कहा मुझे किसी से हिंदुत्व का सर्टिफिकेट लेने के जरूरत नहीं।
  • महाराष्ट्र में मंदिर खोलने को लेकर सीएम ठाकरे और राज्यपाल कोश्यारी के बीच लेटर वॉर शुरू

By: विकास गुप्ता

Updated: 13 Oct 2020, 08:07 PM IST

मुंबई । महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari) और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thack) के बीच राज्य में मंदिरों को फिर से खोलने के मुद्दे पर लेटर वार शुरू हो गया। है। कोश्यारी ने ठाकरे को एक पत्र लिखकर पूछा है कि "आप हिंदुत्व के एक मजबूत स्तंभ रहे हैं, अब आप क्या 'सेक्युलर' हो गए हैं?" राज्य के मंदिरों में पूजा करने की अनुमति देने के मामले में कोश्यारी ने ठाकरे को पत्र लिखा था और पूछा था कि मंदिर कब से खुल रहे हैं। राज्य में सभी मंदिर कोरोनावायरस के कारण 23 मार्च से ही बंद हैं।

बिहार में तीसरा चुनावी गठबंधन बना, शिवसेना भी मैदान में उतरेगी

कोश्यारी ने ठाकरे को लिखा पत्र-
कोश्यारी ने पत्र में लिखा कि कैसे ठाकरे ने मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद अयोध्या जाकर भगवान राम के प्रति अपनी भक्ति को सार्वजनिक रूप से दिखाया था और बाद में 1 जुलाई को आषाढ़ी एकादशी पर प्रसिद्ध पंढरपुर के भगवान विठ्ठल और देवी रुक्मिणी मंदिर में पूजा की थी। कोश्यारी ने कहा, "यह विडंबना है कि जहां एक ओर राज्य सरकार ने बार, रेस्तरां और समुद्र तट खोलने की अनुमति दी है, वहीं दूसरी ओर हमारे देवी-देवता अभी भी लॉकडाउन में हैं।

देवेन्द्र फडणवीस ने CM उद्धव को लिखा पत्र, कहा- COVID-19 टेस्ट पर आपके वादे का क्या हुआ?

ठाकरे ने दिया कड़ा जवाब-
ठाकरे ने कोश्यारी को जवाब देते हुए कहा कि राज्यपाल ने 'हिंदुत्व' के बारे में जो उल्लेख किया है, वह बिल्कुल सही था। ठाकरे ने कहा, "हालांकि, मुझे किसी से भी हिंदुत्व पर सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है, न ही मुझे इसे किसी से सीखना है। जो लोग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के साथ हमारे राज्य और इसकी राजधानी (मुंबई) की तुलना करने वाले का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं, वे मेरे हिंदुत्व की परिभाषा में फिट नहीं बैठते।" ठाकरे ने कहा, "क्या आप ये कहना चाह रहे हैं कि सिर्फ मंदिर खोल देने से कोई हिंदुत्व का मसीहा हो जाता है और उसे बंद करने से वो सेक्युलर हो जाता है?" ठाकरे ने अपने जवाबी पत्र में कोश्यारी से सीधे पूछा, "आपने उस संविधान की शपथ ली है, जिसका मुख्य सिद्धांत सेक्युलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) है, क्या आप इससे सहमत नहीं हैं?"

कोश्यारी ने उठाए सवाल -
कोश्यारी ने इस पर आश्चर्य जताया कि ठाकरे मंदिरों को फिर से खोलने के फैसले को बार-बार क्यों स्थगित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 8 जून को दिल्ली और जून के अंत तक पूरे देश में मंदिर और दूसरे पूजा स्थल खोल दिए गए।

ठाकरे ने इसके जवाब में कहा, "आप (कोश्यारी) ने ऐसी चीजों का अनुभव किया होगा, मैं इतना महान नहीं हूं।" उन्होंने कहा कि वह (ठाकरे) महाराष्ट्र के लोगों के लिए अच्छा काम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ठाकरे ने राज्यपाल कोश्यारी को आश्वासन दिया कि राज्य में मंदिरों और दूसरे धार्मिक स्थलों को खोलने पर जल्द फैसला लिया जाएगा।

विकास गुप्ता
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned