2019 में मोदी दोबारा पीएम नहीं बने तो देश में आएगा प्रलयंकारी भूकंप: भाजपा नेता

2019 में मोदी दोबारा पीएम नहीं बने तो देश में आएगा प्रलयंकारी भूकंप: भाजपा नेता

Anil Kumar | Publish: Sep, 16 2018 07:21:08 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 07:21:09 PM (IST) राजनीति

रंजीत कुमार दास ने अपने एक बयान में कहा है कि 'यदि 2019 में नरेंद्र मोदी फिर से देश के प्रधानमंत्री नहीं चुने गए तो उससे इतना नुकसान होगा, जितना कि एक प्रलयंकारी भूकंप से नुकसान होता है।’

नई दिल्ली। असम के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने एक गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है। उनके बयान के बाद राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। दरअसल रंजीत कुमार दास ने अपने एक बयान में कहा है कि 'यदि 2019 में नरेंद्र मोदी फिर से देश के प्रधानमंत्री नहीं चुने गए तो उससे इतना नुकसान होगा, जितना कि एक प्रलयंकारी भूकंप से नुकसान होता है।’ बता दें कि भाजपा नेता ने यह बयान शनिवार को असम के गुवाहाटी में पदाधिकारियों की एक बैठक के दौरान कही।

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मोदी को पीएम बनाने के लिए करें कार्य: दास

आपको बता दें कि रंजीत कुमार दास ने पार्टी के पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की ताकि दोबारा पीएम मोदी की जीत सुनिश्चित हो सके। हालांकि इस बीच अपने बयान में यह भी कह दिया कि यदि 2019 में पीएम मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने तो इससे देश को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने तुलनात्मक रूप से बात करते हुए कहा कि 8 से 10 मैग्नीट्यूड का भूकंप आने पर जितनी तबाही होती है ठीक उसी तरह से मोदी जी के पीएम नहीं बनने पर भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने को भी कुछ ऐसा ही झटका लगेगा। रंजीत कुमार ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारी मातृभूमि में ऐसा कोई प्रलंयकारी तूफान आए। इसलिए सभी कार्यकर्ता चौंकन्ना हो जाएं और 2019 के आम चुनाव में मोदी को पीएम बनाने के लिए काम करें। बता दें कि बैठक में रंजीत कुमार ने राज्य में पार्टी के 27 लाख सक्रिय कार्यकर्ताओं में से 20 लाख को एक्टिव फोर्स बनाने की अपील की।

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भाजपा ने राज्य में 2014 आम चुनाव में 7 सीटों पर जीत दर्ज की थी

आपको बता दें कि गुरुवार से असम भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करनी शुरू कर दी है और रणनीति के तहत कार्य कर रही है। 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने राज्य की 14 सीटों में से 7 सीटों पर जीतने में कामयाबी पाई थी। भाजपा के लिए यह एक ऐतिहासिक जीत थी। हालांकि इस बार भाजपा को कुछ सीटें अपनी सहयोगी पार्टी असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट शेयर के साथ साझा भी करनी पड़ सकती है।

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