अवैध टेलीफोन एक्सचेंज घोटाला: पूर्व मंत्री दयानिधी मारन को CBI कोर्ट ने किया बरी

अवैध टेलीफोन एक्सचेंज घोटाला: पूर्व मंत्री दयानिधी मारन को CBI कोर्ट ने किया बरी

Chandra Prakash Chourasia | Publish: Mar, 14 2018 04:32:11 PM (IST) राजनीति

मारन के वकील ने कहा, दयानिधि पूर्णत: निर्दोष हैं, वे इस केस में किसी भी तरह से नुकसान का कारण नहीं हैं।

नई दिल्ली: पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और कलानिधि मारन को सीबीआई कोर्ट ने आज अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में बरी कर दिया है। इसी साल फरवरी में सीबीआई ने दयानिधि, कलानिधि समेत अन्य लोगों के लिए दायर जमानत याचिका का विरोध किया था। कोर्ट में दयानिधि के वकील ने याचिका में कहा था कि इस केस को और आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। सीबीआई के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। सीबीआई ने जिस आधार पर दयानिधि, कलानिधि को गिरफ्तार किया है। वह उसको कोर्ट में साबित नहीं कर पाई है। उनके वकील ने कहा, दयानिधि पूर्णत: निर्दोष हैं, वे इस केस में किसी भी तरह से नुकसान का कारण नहीं हैं।

क्या है मामला

दयानिधि मारन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दूरसंचार मंत्री रहने के दौरान मैक्सिस नाम की कंपनी को फायदा पहुंचाया। सीबीआई के अनुसार दयानिधि मारन को 600 करोड़ रुपए की घूस मिली जिसके एवज में उन्होंने कंपनी को फायदा पहुंचाया। एयरसेल-मैक्सिस कंपनी के बीच हुआ बड़ा सौदा विवाद में चल रहा था। बता दें कि मैक्सिस कंपनी का नाम 2 जी घोटाले में भी सामने आया था। हालांकि, तब वह कपड़ा मंत्री थे। इससे काफी पहले वो दूरसंचार मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके थे।

मामले की सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉस्क्यूटर आनंद ग्रोवर ने दावा किया था कि दयानिधि ने वर्ष 2006 में चेन्नई के एक टेलीकॉम प्रमोटर सी शिवशंकरन पर दबाव बनाया था कि वह एयरसेल और दो सहायक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को मलेशियाई कंपनी मैक्सिस समूह को बेच दें।

इन लोगों को सीबीआई और ईडी ने बनाया था आरोपी

सीबीआई ने इस मामले में जांच के दौरान मारन बंधुओं और मलेशियाई निवासी एआर मार्शल, टी.आनंद कृष्णनन, मलेशिया की कंपनी एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क, मैक्सिस कम्यूनिकेशन, सन डायरेक्ट टीवी प्रा.लि., साउथ एशिया एफएम लि. समेत आठ लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था। वहीं ईडी ने भी कार्रवाई करते हुए कलानिधि की पत्नी कावेरी, साउथ एशिया एफएम लि. के महानिदेशक के.शानमुगम व सन डायरेक्ट टीवी प्रा.लि. को मामले में आरोपी बनाया था। ईडी ने मामले में कुल छह लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दाखिल किए थे।

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