महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM का बड़ा फैसला, सांसद इम्तियाज जलील को बनाया प्रदेश अध्यक्ष

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM का बड़ा फैसला, सांसद इम्तियाज जलील को बनाया प्रदेश अध्यक्ष

Kaushlendra Pathak | Updated: 11 Jul 2019, 05:06:52 PM (IST) राजनीति

  • महाराष्ट्र के औरंगाबाद लोकसभा सीट से AIMIM सांसद हैं इम्तियाज जलील
  • तीन क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी हुई नियुक्ति
  • अक्‍टूबर 2019 में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) खत्म होने के बाद अब सभी पार्टियों की नजरें अगामी तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर टिक गई हैं। जिन तीन राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें महाराष्ट्र , हरियाणा और झारखंड शामिल हैं। इन राज्यों में अभी भाजपा ( BJP ) का शासन है।

वहीं, महाराष्ट्र ( Maharashtra ) को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi ) ने बड़ा बदलाव किया है। उनकी पार्टी ने लोकसभा सांसद इम्तियाज जलील को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

अगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर AIMIM ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सैयद मोइन के पार्टी छोड़ने के बाद पिछले दो साल से खाली पड़े अध्यक्ष पद को भर दिया गया है।

पार्टी ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद से सांसद इम्तियाज जलील को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष के अलावा पार्टी ने तीन अन्य नेताओं को क्षेत्रीय अध्यक्ष भी बनाया है।

अकील मुजव्वर को पश्चिमी महाराष्ट्र, नजीम शेख को विदर्भ और फिरोज लाला को मराठवाड़ा का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, शेखर पटनी मुंबई के एमआईएमआईएम अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।

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इम्तियाज ने शिवसेना उम्मीदवार को हराया था

इम्तियाज जलील पत्रकार से नेता बने हैं। उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में औरंगाबाद से शिवसेना के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे को 4,492 मतों के अंतर से पराजित किया था। इतना ही नहीं महाराष्ट्र से AIMIM के पहले सांसद भी इम्तियाज जलील ही हैं।

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file photo

अक्‍टूबर 2019 में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

गौरतलब है कि महाराष्‍ट्र में अक्‍टूबर में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। इसके लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जहां बीजेपी ने अभी से ही पूरी गंभीरता से मजबूत प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी है।

वहीं, बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राज्य के सूखाग्रस्त ग्रामीण इलाकों में वोटर्स को आकर्षित करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस भी तैयारियों में जुट गई है। अब देखना यह है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किस पार्टी का पलड़ा भारी रहता है।

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