BJP के संकल्‍प पत्र के जवाब में झामुमो ने जारी किया निश्चय पत्र, पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा

  • आदिवासियों को 28 प्रतिशत और दलितों को 12 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा
  • पिछड़े वर्ग का आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का वादा
  • निजी क्षेत्र में भी राज्य के ही 75 प्रतिशत लोगों को रोजगार मिलेगा

By: Dhirendra

Updated: 27 Nov 2019, 10:12 AM IST

नई दिल्‍ली। महाराष्‍ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव का असर अब झारखंड विधानसभा चुनाव पड़ भी दिखने लगा है। झारखंड में भी बीजेपी को सत्‍ता से बेदखल करने के लिए विरोधी दलों ने नेताओं ने कमर कस ली है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए BJP के ससंकल्‍प के जवाब में खुद का निश्चय पत्र जार किया है।

झामुओ ने लोगों से वादा किया है कि वह सत्ता में आने पर सरकारी रोजगार में पिछड़े वर्ग का आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर देगी। झामुमो ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निजी क्षेत्र में भी राज्य के ही 75 प्रतिशत लोगों को रोजगार मिले।

बता दें कि झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी का निश्चय पत्र नामक घोषणा पत्र जारी करते हुए यह बात कही। हेमंत ने पार्टी के घोषणा पत्र में सरकारी नौकरी में झारखंड के पिछड़े समुदाय को 27 प्रतिशत, आदिवासियों को 28 प्रतिशत और दलितों को 12 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया है।

इसके अलासा कांग्रेस की न्याय योजना की तर्ज पर गरीबों को वार्षिक 72 हजार रुपए देने का वादा किया है। हेमंत सोरेन अपनी पार्टी की प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो बेरोजगार अधिकार कानून बनाएंगे और राज्य के निजी क्षेत्रों में 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकारी टेंडर में 25 करोड़ रुपए तक के काम सिर्फ स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे। भूमि अधिकार कानून बनाकर सभी स्थानीय भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसी प्रकार सरकारी नौकरी में आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने का भी वादा झामुमो ने किया है।

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