कर्नाटक इफेक्ट: 4 राज्यों में छिड़ गई सत्ता के लिए जंग

कर्नाटक इफेक्ट: 4 राज्यों में छिड़ गई सत्ता के लिए जंग

Chandra Prakash | Publish: May, 17 2018 07:17:53 PM (IST) राजनीति

कर्नाटक इफेक्ट के बाद अब गोवा, बिहार, मणिपुर और मेघालय की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

नई दिल्ली। कर्नाटक से शुरू हुआ सरकार बनाने का बवंडर अब चार अन्य राज्यों में भी पहुंच गया है। गोवा, बिहार, मणिपुर और मेघालय में भी हड़कंप मच गया है। इन राज्यों के नेताओं ने भी कर्नाटक में बीजेपी के फॉर्मूले से सरकार बनाने की बात कही है। वहीं गोवा कांग्रेस सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने की तैयारी में है।

गोवा, बिहार, मेघालय और मणिपुर में हलचल
कर्नाटक के राजनीतिक बवाल के बाद बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव , मणिपुर के पूर्व सीएम ओकरम इबोबी और मेघालय के पूर्व सीएम मुकुल संगामा और गोवा कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात के लिए वक्त मांगा है। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्यपाल से मुलाकात का वक्त मांगा है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में उनकी पार्टी आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी रही है, इसलिए उनको सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए।

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'कर्नाटक की तरह बिहार में हमें मिले मौका'
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम राज्यपाल महोदय से ये मांग कर रहे हैं कि वर्तमान बिहार सरकार को भंग किया जाए और कर्नाटक के ही तर्ज पर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी को सरकार बनाने का मौका दें। मैं बीजेपी से तर्क पर यह दावा ठोंक रहा हूं। तेजस्वी की मांग को कांग्रेस का भी समर्थन मिला है।

जेडीयू ने उड़ाया तेजस्वी का मजाक
वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने तेजस्वी के बयान का मजाक उड़ाया है। नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें अभी फालतू की बातों समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। उनके पिता लालू जी की तबियत ठीक नहीं है। ऐसे में तेजस्वी को पुत्र धर्म का पालन करते हुए पिता का अच्छा इलाज करवाना चाहिए।

राज्यपाल ने खोला खरीद-फरोख्त का दरवाजा
आरजेडी ने कर्नाटक में बीजेपी सरकार के गठन को लोकतंत्र की हत्या और संविधान का उल्लंघन करार देते हुए शुक्रवार को पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा भी की है। पार्टी के उपाध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक में बीजेपी सरकार के गठन के खिलाफ राजधानी में धरना देगी। कनार्टक में बीजेपी सरकार के गठन में राज्यपाल की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण में एस.आर. बोम्मई मामले में सर्वोच्च न्यायालय के दिए निर्णय को भी नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं होने के हालत में सबसे बड़े दल को आमंत्रित करने की बजाए चुनाव बाद हुए गठबंधन को तरजीह दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए पंद्रह दिन का समय देकर विधायकों की खरीद-फरोख्त के दरवाजे खोल दिए हैं।

कर्नाटक की तरह ही थी गोवा की स्थिति
बता दें कि कांग्रेस ने बीजेपी से कर्नाटक का बदला गोवा में लेने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस का कहना है कि जब कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी को न्योता दिया है, तो गोवा में भी ऐसा ही होना चाहिए। कहा जा रहा है कि राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड़ भी कराई जा सकती है। गोवा कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर ने गुरूवार को एक ट्वीट कर कहा कि, जब कर्नाटक में राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता भेजा है, तो गोवा की राज्यपाल ने कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का न्योता क्यों नहीं दिया। एक ही देश के दो राज्यों में अलग-अलग नियम क्यों।

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