लोकसभा चुनाव 2019: 'राष्ट्रवाद' से शुरू हुआ प्रचार प्रज्ञा के 'राष्ट्रभक्त' पर खत्म

लोकसभा चुनाव 2019: 'राष्ट्रवाद' से शुरू हुआ प्रचार प्रज्ञा के 'राष्ट्रभक्त' पर खत्म

Prashant Kumar Jha | Publish: May, 17 2019 08:52:08 PM (IST) | Updated: May, 18 2019 12:48:45 PM (IST) राजनीति

  • पीएम मोदी ने पूरे चुनाव प्रचार में आतंकवाद को मुद्दा बनाया
  • कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और परिवर्तन के मुद्दे पर लोगों से आशीर्वाद मांगा
  • चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं ने सीमा लांघी, जुबान पर नहीं रख पाए नियंत्रण

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार 17 मई की शाम खत्म हो गया। चुनाव प्रचार की इस गहमागहमी में आतंकवाद, राष्ट्रवाद, समाजवाद, लोहियावाद समेत कई अन्य मुद्दे छाए रहे। गड़े मुर्दे भी उखाड़े गए, वहीं कई नेता अपनी जुबान पर से नियंत्रण खो बैठे। भाजपा के राष्ट्रवाद और कांग्रेस के रफाल से शुरू हुआ ये प्रचार प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे पर दिए बयान पर आकर खत्म हुआ।

ये भी पढ़ें: 5 साल में पहली बार PM की प्रेस कॉन्फ्रेंस, मोदी ने अपनी बात रखी पर नहीं दिए सवालों के जवाब

भाजपा की 'राष्ट्रवादी सरकार'

दरअसल भाजपा के चुनाव प्रचार में राष्ट्रवाद का मुद्दा छाया रहा। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा भ्रष्टाचार, महंगाई और विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ी और सत्ता पर काबिज हुई। लेकिन इस बार के घोषणापत्र में पार्टी ने राष्ट्रवाद को प्रमुखता से जगह दी। आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ, वामपंथी उग्रवाद, धारा 370 और 35A जैसे मुद्दे को जड़ से खत्म करने को लेकर चुनाव मैदान में है। वहीं कांग्रेस इस बार 72 हजार रुपए देने के वादे के साथ जनता के बीच है।

ये भी पढ़ें: राहुल गांधी के 'Modilie' दावे पर ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी की सफाई, तस्वीर को बताया फेक

आइए डालते हैं इस बार के चुनाव प्रचार पर एक नजर-

- भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने कहा- नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। साध्वी के बयान के तुरंत बाद भाजपा ने खुद को इससे किनारा कर लिया। हालांकि पार्टी लाइन से अलग दिए बयान पर साध्वी ने तुरंत माफी मांग ली। साध्वी ने मुंबई बम ब्लास्ट में शहीद हुए हेमंत करकरे पर भी विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी थीं।

- वहीं साध्वी प्रज्ञा के गोडसे वाले बयान पर पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नाराजगी जताई। पीएम मोदी ने कहा कि इस बयान को लेकर वो साध्वी प्रज्ञा को मन से कभी माफ नहीं कर पाएंगे। जबकि अमित शाह ने कहा कि प्रज्ञा का यह बयान निजी है। उन्होंने कहा कि यह बयान पार्टी की गरिमा और विचारधारा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि अनंत हेगडे, साध्वी प्रज्ञा के बयानों को अनुशासन समिति के पास भेजा गया है।

- अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने एक चुनावी सभा में विवादित बयान दिया था- उन्होंने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी हिंदू था। जिसका नाम नाथूराम गोडसे था। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यहां पर कई सारे मुस्लिम मौजूद हैं। मैं महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े होकर यह कह रहा हूं।'

- पीएम मोदी इस चुनाव में राष्ट्रवाद के रथ पर सवार होकर लोगों के बीच गए। पीएम मोदी ने हर रैली और सभाओं में सेना, एयर स्ट्राइक के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। पीएम ने इस चुनाव के आखिरी में बोफोर्स केस को उछालकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मोदी ने राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर-1 तक बता डाला।

- वहीं कांग्रेस इस बार रफाल को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी को चोर बताकर चुनाव प्रचार किया। राहुल गांधी ने कहा, 'गुरु शिष्य का रिश्ता सबसे पवित्र होता है लेकिन पीएम मोदी ने अपने गुुरु आडवाणीजी को लात मारकर उतार दिया।

- लोकसभा चुनाव प्रचार के बीच कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के 'हुआ तो हुआ' बयान ने 84 के सिख दंगों को फिर से सुर्खियों में ला दिया। पंजाब से लेकर दिल्ली तक मुद्दा गरमाता रहा। 1984 सिख दंगों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने 'हुआ तो हुआ' कह दिया। जिसपर भाजपा और अकाली दल ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया। हालांकि राहुल गांधी ने पित्रोदा को माफी मांगने को कहा था। जिसपर पित्रोदा ने माफी मांग ली थी।

- हमेशा अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। मणिशंकर ने कहा कि नरेंद्र मोदी एक नीच इंसान हैं। इससे पहले अय्यर ने 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को 'नीच किस्म का आदमी' कहा था। हालांकि विवाद बढ़ने पर अय्यर ने तत्काल अपनी बात वापस ले ली।

-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो इस चुनाव में पीएम मोदी पर लगातार आक्रमक ही रहीं। ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झूठा और बेशर्म करार दिया। यहां तक कि उन्होंने पीएम मोदी को चौकीदार चोर है तक कह डाला। ममता ने मोदी और शाह को गुंडा तक कह दिया।

- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप की ऐसी लोकसभा है जहां अल्पसंख्यक भी बहुसंख्यक है, इसलिए आप अगर एकजुटता दिखाएंगे तो तारिक अनवर को कोई नहीं हरा सकता है। इतना ही नहीं सिद्धू ने पीएम मोदी को बाहर फेंकने की भी बात कही थी।

- योगी आदित्यनाथ ने चुनावी सभा में कहा था कि विपक्ष को अली पसंद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं। इस पर भी जमकर बवाल मचा ।

- मायावती ने देवबंद रैली में मुस्लिमों से मतदाताओं से वोट बंटने नहीं देने की अपील की थी। मायावती ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें।

ये भी पढ़ें: BJD नेता ने बताया CM नवीन पटनायक को PM पद का सही उम्मीदवार, छह दिन बाद आएंगे लोकसभा चुनाव के नतीजे

19 मई को होने वाले अंतिम चरण के मतदान के साथ लोकसभा का चुनाव संपन्न हो जाएगा। सात चरणों में हुए चुनाव के बाद देश की नजर 23 मई को चुनाव परिणाम पर रहेगी। इस दिन तस्वीर साफ हो जाएगी कि आखिरकार किस पार्टी की सरकार सत्ता में आएगी।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned