ममता की महारैली आज: 41 साल बाद लगा विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा, बड़ी संख्या में जुटे नेता

ममता की महारैली आज: 41 साल बाद लगा विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा

By: धीरज शर्मा

Updated: 19 Jan 2019, 11:16 AM IST

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों की हलचल भी बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल में तो तीसरा मोर्चा बड़ी करवट ले रहा है। भाजपा की रथ यात्रा को रोकने के बाद अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज महारैली करने जा रही हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में शनिवार को 20 दलों के नेता बीजेपी के खिलाफ कोलकाता में साझी लड़ाई का ऐलान करेंगे । खास बात यह है कि करीब 41 साल बाद प. बंगाल में विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा लगने जा रहा है। इससे पहले साल 1977 में कांग्रेस के खिलाफ ज्योतिबसु ने यहीं से विरोध की आवाज बुलंद की थी।


पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि, 19 जनवरी को होने वाली विपक्ष की महारैली भाजपा के लिए विदाई की आहट होगी। आपको बता दें इस महारैली में एसपी, बीएसपी समेत भाजपा का बागी शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल होंगे। इसके अलावा कर्नाटक में कांग्रेस के सहयोगी दल जेडीएस के नेता और मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी ममता की रैली में शामिल होने के लिए निकल गए हैं। ममता की इस रैली को वैसे तो राहुल गांधी ने चिट्ठी लिखकर समर्थन दिया है लेकिन ममता की ये रैली महागठबंधन के लिए बड़ी चुनौती भी बन सकती है।

रैली से जुड़ी खास बात
- विशाल परेड मैदान पर होगी रैली
- 40 लाख लोगों के आने का दावा
- 41 साल बाद विपक्ष का बड़ा शो
- 20 दलों के नेता होंगे शामिल

महागठबंधन को खतरा तो नहीं!
ममता की इस महारैली को लेकर जहां भाजपा के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है वहीं महागठबंधन पर भी खतरा मंडरा रहा है। चुनाव से पहले ममता इस रैली के जरिये विरोधियों को बड़ा संदेश देने के मूड में है। वहीं ममत के पीएम उम्मीदवार बनने की चर्चा पर राजनीतिक गलियारों में जोरों पर है। ममता कह चुकी हैं कि इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा 125 सीटों के अंदर ही सिमट जाएगा, जबिक क्षेत्रिय दल इस बार निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।

ऐसे में महागठबंधन में बड़ी दरार पड़ सकती है। ऐसा होता है तो कांग्रेस की अगुवाई में बड़ रहे महागठबंधन को बड़ा झटका लगेगा और राहुल गांधी का प्रधानमंत्री बनने का सपना अधूरा रह सकता है।

ये होंगे शामिल
ममता बनर्जी कि ओर से आयोजित विपक्ष की इस महारैली में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की पार्टियां शामिल होंगी. विपक्ष की महारैली में लाखों समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस के अलावा इस रैली में कांग्रेस, टीडीपी, एसपी, आरजेडी, जेडीएस, एनसीपी, डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आम आदमी पार्टी आदि पार्टियों के नेताओं के नजर आने की संभावना है। रैली में मंच पर साथ नजर आने वाले ये दल आगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र की बीजेपी सरकार को हटाने का स्पष्ट आह्वान करेंगे।


इन्होंने बनाई दूरी
ममता की रैली में जहां कश्मीर से कन्याकुमारी के नेता शामिल हो रहे हैं। वहीं बसपा प्रमुख मयावाती और टीआरएस प्रमुख केसीआर ने दूरी बना ली है। दरअसल तेलंगाना के सीएम केसीआर गैर कांग्रेस-गैर बीजेपी दलों के साथ फेडरल फ्रंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने पश्चिम बंगाल जाकर ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। वहीं मायावती भी इस रैली में शामिल नहीं होंगी।

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