संसद में गृह मंत्रालय का खुलासा, असम में इतने लोगों की क्षमता वाले डिटेंशन सेंटर्स हैं

  • तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां ने गृह मंत्रालय से पूछा सवाल।
  • असम में फिलहाल छह डिटेंशन सेंटर्स और एक का निर्माण जारी।
  • असम में एक भी NRC डिटेंशन सेंटर या कैंप मौजूद नहीं है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के तेज होते खतरे के बीच मंगलवार को गृह मंत्रालय ने संसद में बड़ी जानकारी दी। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) को लेकर बीते दिनों उठे बड़े बवाल को लेकर गृह मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि असम में छह डिटेंशन सेंटर चल रहे हैं और एक निर्माणाधीन है। वहीं, बीते एक वर्ष में इनमें रहने वाले 10 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।

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लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां रूही द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय द्वारा जवाब दिया गया। इसके मुताबिक, "असम में 3,331 लोगों की क्षमता वाले छह डिटेंशन सेंटर्स हैं। तेजपुर स्थित डिटेंशन सेंटर की क्षमता 797 लोगों की है जबकि सिलचर में 479, डिब्रूगढ़ में 680, जोरहाट में 670, कोकराझार में 335 और गोलपारा में 370 लोगों की क्षमता वाले डिटेंशन केंद्र हैं।"

दरअसल पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां ने गृह मंत्रालय से पूछा था कि वो असम में मौजूद डिटेंशन सेंटर्स और उनकी क्षमता की जानकारी दे।

वहीं, असम के नए डिटेंशन सेंटर्स जो या तो निर्माणाधीन हैं या शुरू होने वाले हैं, सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने बताया कि मटिया, गोलपारा में एक डिटेंशन सेंटर निर्माणाधीन है जिसकी क्षमता 3000 लोगों की है।

नुसरत ने गृह मंत्रालय से यह भी पूछा था कि पूर्वोत्तर राज्यों विशेषकर असम में बीते एक वर्ष में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के डिटेंशन सेंटर्स में मरने वालों लोगों की संख्या के बारे में भी जानकारी दे।

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गृह मंत्रालय ने इसके जवाब में बताया, "असम में कोई भी NRC डिटेंशन कैंप/सेंटर नहीं है। 1 मार्च 2019 से लेकर 29 फरवरी 2020 तक असम के छह डिटेंशन सेंटर्स में रहने वाले 10 लोगों की अलग-अलग अस्पतालों में मौत हो गई। इन सेंटर्स में घोषित विदेशी या फिर दोषी विदेशियों को रखा जाता है।"

गृह मंत्रालय ने आगे बताया, "उपरोक्त अवधि के दौरान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की तीन टों ने असम के डिटेंशन सेंटर्स का दौरा किया और वहां घोषित विदेशी नागरिकों से बातचीत भी की।"

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अमित कुमार बाजपेयी
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