तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट के दो जजों ने दिए विरोधाभासी फैसले, सीएम पलानीस्‍वामी को मिला अभयदान

तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट के दो जजों ने दिए विरोधाभासी फैसले, सीएम पलानीस्‍वामी को मिला अभयदान

Dhirendra Mishra | Publish: Jun, 14 2018 02:27:08 PM (IST) राजनीति

मद्रास हाईकोर्ट के फैसले से टीटी दिनाकरण गुट के 18 विधायकों को जोर का झटका लगा है।

नई दिल्‍ली। मद्रास हाईकोर्ट ने बागी विधायकों के मामले में विरोधाभासी फैसले दिए हैं। अपने फैसले में दो जजों की पीठ ने बागी विधायकों की अयोग्‍यता को बरकरार रखा है। इस मामले में मुख्‍य न्‍यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने अपने फैसले में कहा कि तमिलनाडु विधानसभा अध्‍यक्ष धनपाल के फैसले में हस्‍तक्षेप की जरूरत नहीं है। लेकिन न्‍यायमूर्ति सुंदर ने इससे अलग फैसला दिया। साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि उनके फैसले को अलग रखा जा सकता है। इसके बाद यह तय किया गया है इस मामले को तीन जजों की पीठ को सौंपा जाएगा। विरोधाभासी फैसलों की वजह से फिलहाल 18 बागी विधायकों की अयोग्‍यता को तीन जजों की बेंच का फैसला आने तक बरकरार रखा गया है। साथ ही ये भी बताया गया है कि तत्‍काल फ्लोर टेस्‍ट की आवश्‍यकता नहीं है।

ये हैं एआईएडीएमके के बागी विधायक
अयोग्य घोषित किए गए विधायकों के नाम थंगा तमिल सेलवन, आर मुरुगन, मारियुप कन्नेडी, के काथीरकमू, सी जयंती पद्मनाभन, पी पलनिअप्पन, वी सेंथिल बालाजी, सी मुथैया, पी वेत्रिवेल, एन जी पार्थीबन, एम कोठांदपानी, टीए एलुमलै, एम रंगासामी, आर थंगादुराई, आर बालासुब्रमणी, एसजी सुब्रमण्यम, आर सुंदरराज और के उमा महेरी हैं।

2017 में दिनाकरण दी थी चुनौती
आपको बता दें कि इन विधायकों ने अन्य लोगों के साथ बीते 22 अगस्त, 2017 को तमिलनाडु के राज्यपाल सी विद्यासागर से मुलाकात कर कहा था कि वह सीएम पलानीस्वामी में विश्वास खो चुके हैं, जिन्हें दिनाकरण ने चुनौती दी है। इन सभी विधायकों ने पलानीस्वामी-पन्नीरसेल्वम सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। उसके बाद पलानीस्‍वामी और पनीरसेल्‍वम ने आपस में हाथ मिलाकर सरकार बना ली। जबकि दिनाकरण गुट के बागी 18 विधायकों को पार्टी व्हिप के उल्‍लंघन के आरोप में विधानसभा की सदस्‍यता से निलंबित कर दिया था। आज उन्‍हीं बागी विधायकों की सदस्‍यता के बारे में दो जजों की पीठ ने विरोधभासी फैसले दिए हैं।

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