अयोध्‍या विवाद: हाजी महमूद का बड़ा बयान, देश के लिए मुसलमान कुर्बानी को हैं तैयार

अयोध्‍या विवाद: हाजी महमूद का बड़ा बयान, देश के लिए मुसलमान कुर्बानी को हैं तैयार

Kapil Tiwari | Publish: Feb, 09 2018 01:52:04 PM (IST) | Updated: Feb, 09 2018 04:52:53 PM (IST) राजनीति

मुस्लिम धर्मगुरुओं से श्री श्री रविशंकर की मुलाकात के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में दो फाड़ हो गया। एक गुट जमीन छोड़ने को तैयार।

नई दिल्ली: अयोध्या विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने की दिशा में मुस्लिम पक्षकार हाजी महमूद का एक बयान आया है। हाजी महमूद का कहना है कि देश के लिए मुसलमान त्याग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश के लिए मुसलमान कुर्बानी देगा। हाजी महमूद ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर जल्द ही उलेमाओं की मुलाकात पीएम मोदी से होगी, जिसके बाद ही इस मामले पर कोई फैसला लिया जा सकता है।

आपको बता दें कि हाजी महमूद का ये बयान आर्ट ऑफ लिविंग के संस्‍थापक श्री श्री रविशंकर की मुस्लिम धर्मगुरुओं से हुई मुलाकात के बाद आया है। हालांकि पहले ये खबरें आई थीं कि हाजी महमदू को कोर्ट के बाहर का रास्ता मंजूर नहीं है और वो कोर्ट के फैसले का ही इंतजार करेंगे। गुरुवार को श्री श्री रविशंकर बेंगलूरु में मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिले थे। मुलाकात में राम मंदिर के निर्माण को लेकर एक नए फॉर्मूले पर बातचीत हुई। उसके बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में दो फाड़ हो गया । अब बोर्ड का एक बड़ा गुट अयोध्‍या में राम मंदिर के समर्थन में उतर आए हैं।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्जिक्यूटिव मेंबर मौलाना सईद सलमान हुसैन नदवी व अन्‍य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने उनसे मुलाकात के बाद कहा कि राम मंदिर के लिए मस्जिद को कहीं और शिफ्ट किया जा सकता है। अगर आपसी बातचीत से रास्ता निकले तो मुसलमान जमीन छोड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं। मौलानाओं ने कहा कि मजहब में जगह बदलने की गुंजाइश है लेकिन इस बात का करार हो कि आगे से कहीं किसी भी मस्जिद, मदरसे के साथ छेड़छाड़ ना हो। आपको बता दूं कि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

श्री श्री की पहल मान्‍य नहीं
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के दूसरे पक्ष ने राम मंदिर पर कोर्ट के बाहर किसी भी तरह की बातचीत का विरोध किया है। इस गुट का कहना है कि श्रीश्री रविशंकर और बोर्ड के लोगों के बीच समस्‍या समाधान को लेकर जारी बातचीत गलत है।

बाबरी विध्‍वंस अतीत की बात
श्री श्री से बातचीत के बाद मौलाना सलमान नदवी ने कहा कि बाबरी विध्वंस का जो मंजर बीत गया वो एक अतीत था। सौहार्द के लिए मुसलमानों के लिए कहीं और मस्जिद और यूनिवर्सिटी बनाई जाए। जहां तक बाबरी मस्जिद की बात है तो वहां पर एक अरसे से नमाज नहीं होता है। हमारी इच्‍छा है कि मुस्लिम आबादी में जो जगह है वो जगह मुसलमानों को मिले। वहां वो एक अच्छी मस्जिद बनाएं। इसके साथ हमें यूनिवर्सिटी बनो की भी इजाजत दी जाए।

कौन हैं मौलाना नदवी
मौलाना सलमान नदवी इस्लाम के बड़े जानकार हैं। पूरी दुनिया में उनकी अपनी अलग पहचान है। वो बड़े-बड़े इस्लामिक देशों में इस्लाम पर लेक्चर देने जाते हैं। वर्तमान में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्‍जीक्‍यूटिव मेंबर हैं।

नया प्रस्‍ताव
आपको बता दूं कि अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए बेंगलुरु में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ गुरुवार को बैठक हुई। इस बैठक में तीन तरह के फार्मूले निकले हैं। विवादित जगह पर ही राम मंदिर बनाने की बात हुई है लेकिन मस्जिद बनाने के लिए अलग अलग जगहें बताई गई हैं।

अयोध्या पर क्या हैं ये तीन फॉर्मूले?


1. राममंदिर पर सुब्रमण्यम स्वामी का फॉर्मूला-
विवादित जगह पर ही राम मंदिर बनाया जाए। सरयू नदी के दूसरी तरफ मुस्लिम मस्जिद बना लें।


2. राम मंदिर पर जस्टिस पुलक बसु का फॉर्मूला-
जो हिस्सा रामलला विराजमान को मिला है उसी जमीन पर राम मंदिर बने। बाकी जमीन निर्मोही अखाड़ा और सुन्ना वक्फ बोर्ड के पास रहे। मुस्लिम पक्ष जमीन पर कोई निर्माण न करे। मुस्लिम पक्ष 200 मीटर दूर यूसुफ की आरा मशीन की जमीन पर मस्जिद बनाए।


3. हासिम अंसारी और महंत ज्ञानदास का फॉर्मूला
विवादित परिषर में मंदिर और मस्जिद बने, दोनों को 100 फीट की दीवार से बांट दिया जाए.

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