New Modi Cabinet: तीन की जगह मिला सिर्फ एक मंत्री, जानिए क्यों हार कर भी जीत गए नीतीश

मोदी कैबिनेट सिर्फ एक मंत्री पाकर भी खुश हैं नीतीश, जबकि मांगे थे तीन, जानिए क्या है पूरा मामला

By: धीरज शर्मा

Published: 08 Jul 2021, 12:20 PM IST

नई दिल्ली। मोदी 2.0 ( Modi 2.0 ) में कैबिनेट का विस्तार ( Modi Cabinet Expansion ) और बदलाव हो चुका है। 43 मंत्रियों ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस शपथ के साथ ही मोदी कैबिनेट में ना सिर्फ आगामी चुनावों की छाप दिखी बल्कि जातिगत समीकरण और सहयोगी दलों का दिल जीतने की भी कोशिश की गई।

हालांकि एनडीए ( NDA ) की सहयोगी जेडीयू ( JDU ) ने नए कैबिनेट में 3 मंत्री मांगे थे, लेकिन उन्हें सिर्फ एक ही मिला। बावजूद इसके नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) हार कर भी जीत गए। जानते हैं, उनके खुश होने के पीछे क्या है वजह।

यह भी पढ़ेँः Modi Cabinet में 7 महिलाओं ने ली शपथ, किसी ने नहीं की शादी, तो कोई पहली बार में ही बनी मंत्री

मोदी के नए नवेले कैबिनेट में भले ही नीतीश कुमार की मांग को नजर अंदाज किया गया हो, लेकिन उनकी इस हार में भी उनको अपनी जीत ही नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक मंत्री पाकर भी वे खुश हैं।

दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद कहते हैं कि जब वो पुड़िया बांधकर फेंकते हैं तो वो खुलती नहीं। तो फिर जिस एक मंत्रिपद को 2019 में नीतीश ने सांकेतिक बताकर मोदी सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था, वही सांकेतिक पद दो साल बाद उन्होंने हंसते हुए कबूल कर लिया। इसके पीछे भी बड़ी वजह है।

चिराग को चित करने की कोशिश
बिहार विधानसभा चुनाव में जिस तरह चिराग पासवान ने नीतीश कुमार को लेकर बिगड़े बोले थे, उसका खामियाजा उन्हें अब भुगतना पड़ रहा है।

केंद्र की मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद चर्चा इसी बात की है कि चिराग को दूसरा झटका देने के लिए नीतीश ने अपनी मांगों की कुर्बानी दे दी।

दरअसल जैसे ही पशुपति पारस को केंद्र सरकार में शामिल करने का फैसला लिया गया उसी वक्त नीतीश ने चिराग को दूसरा झटका दे दिया।

यह भी पढ़ेँः अब काम की बारीः नए मंत्रियों ने शुरू किया कामकाज, जानिए अब तक कितने मंत्रियों ने संभाला पदभार

पहले पारस की बगावत फिर नीतीश की दूसरा दांव
चिराग को चित करने के लिए पहले नीतीश ने पारस के बागी बनाया और जेडीयू के गुणगान करवाए। यहां चिराग को उन्होंने पहला झटका दिया। इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट में पशुपति पारस को जगह मिल जाने से नीतीश अपना हाथ पीछे खींच लिया, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से नीतीश ने चिराग को ही दूसरा झटका दे डाला।

भले ही उनकी तीन मंत्रियों वाली मांग बीजेपी ने नहीं मांगी लेकिन नीतीश पारस के मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद चिराग को 'दूसरा' झटका तो दे ही चुके हैं।

पारस के नेतृत्व वाली LJP पर BJP की मुहर
पारस को कैबिनेट में जगह देकर बीजेपी ने इस बात पर भी मुहर लगा दी है कि उन्हें चिराग की बजाय पशुपति पारस के नेतृत्व वाली एलजेपी कबूल है।

बीजेपी की इस मुहर में भी नीतीश का अप्रत्यक्ष योगदान है। क्योंकि वे भी यही चाहते हैं कि चिराग की जगह एलजेपी की कमान उनके समर्थक पारस के पास ही रहे।

Show More
धीरज शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned