शरद पवार के दिल्ली आवास पर विपक्षी नेताओं की अहम बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार द्वारा नई दिल्ली में अपने आवास पर आयोजित एक बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के साथ कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं।

By: Anil Kumar

Updated: 22 Jun 2021, 09:54 PM IST

नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ एक मजबूत विपक्ष की तलाश को लेकर लगातार कोशिशें की जा रही है। लेकिन अबतक किसी एक नेता के नाम पर मुहर नहीं लग पाया है। अब एक बार फिर से विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए कोशिशें की जा रही है।

मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार द्वारा नई दिल्ली में अपने आवास पर आयोजित एक बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के साथ कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। बैठक में शामिल होने वालों में तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा, गीतकार जावेद अख्तर, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता पवन वर्मा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद बिनॉय विश्वम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला शामिल थे।

बैठक में कई मुद्दों पर की गई चर्चा

टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा ने बताया कि 'राष्ट्र मंच' (राष्ट्रीय मंच) की बैठक ढाई घंटे तक चली, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में शामिल राकांपा नेता मजीद मेमन ने कहा कि राष्ट्र मंच के प्रमुख यशवंत सिन्हा ने पवार के आवास पर बैठक बुलाई थी। उन्होंने बैठक से कांग्रेस के बहिष्कार की मीडिया की अटकलों का भी खंडन किया।

मेमन ने कहा "मीडिया में यह बताया जा रहा है कि राष्ट्र मंच की यह बैठक शरद पवार द्वारा भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों को एकजुट करने के लिए आयोजित की गई थी। यह पूरी तरह से गलत है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बैठक पवार के आवास पर हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे नहीं बुलाया।"

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उन्होंने आगे कहा "यह बैठक राष्ट्र मंच प्रमुख यशवंत सिन्हा द्वारा बुलाई गई थी और राष्ट्र मंच के सभी संस्थापक सदस्यों और कार्यकर्ताओं की मदद से बुलाई गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि शरद पवार साहब एक बड़ा राजनीतिक कदम उठा रहे हैं और कांग्रेस का बहिष्कार किया गया है। यह गलत है।"

बैठक में शामिल रालोद के जयंत चौधरी ने कहा कि तीन साल पहले राष्ट्र मंच का गठन किया गया था। "राष्ट्र मंच तीन साल पहले बना है। आज चर्चा किए गए सभी विषय राजनीतिक थे, लेकिन हमने किसी विशेष चुनाव या किसी सरकार के संबंध में बातचीत नहीं की। हमने वर्तमान मुद्दों, राष्ट्र के मूड, उनकी शिकायत, देश के आर्थिक मुद्दों, किसानों के विरोध के बारे में पर चर्चा की।

इससे पहले, पवार के आवास पर पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए पवन वर्मा ने कहा था कि बैठक का कोई निश्चित एजेंडा नहीं था और यह मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में बात करने के लिए ओपन एंडेड डिस्कशन फोरम 'राष्ट्र मंच' की एक नियमित बैठक थी।

वर्मा ने कहा "हम यहां वर्तमान मुद्दों, राजनीतिक विकास और समकालीन मामलों पर चर्चा करने के लिए हैं। बैठक के लिए कोई निश्चित एजेंडा नहीं है, न ही हम एक निश्चित लक्ष्य को परिभाषित करने के लिए मिल रहे हैं। राष्ट्र मंच एक बार खुली चर्चा के रूप में एक बार बैठक कर रहा है मंच। आज की बैठक उसी के क्रम में है। हम बैठक की मेजबानी के लिए सहमत होने के लिए शरद पवार जी के आभारी हैं।"

भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम ने भी कहा था, "यह सबसे अधिक नफरत वाली सरकार के खिलाफ सभी धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक वाम ताकतों का एक मंच है जो विफल रही है। देश को बदलाव की जरूरत है। लोग बदलाव के लिए तैयार हैं।"

सरकार ने बैठक पर साधा निशाना

भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने प्रमुख विपक्षी नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों की बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसी बैठकें नेताओं द्वारा की जाती हैं जिन्हें जनता ने बार-बार खारिज कर दिया है।"

लेखी ने आगे कहा "यह नया नहीं है। कुछ कंपनियां हैं जो चुनावों से लाभ कमाती हैं। वे स्पष्ट रूप से हर दूसरे नेता को अगले प्रधान मंत्री के रूप में पेश करने की कोशिश करेंगे। किसी को भी सपने देखने से नहीं रोका जा सकता है। यह अच्छा है कि वे एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि वे अब तक एकजुट नहीं हैं।"

Anil Kumar
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