पद्मावती फिल्म पर बवाल, खुलकर विरोध में उतरे ये दोनों मंत्री

अनिल विज और विपुल गोयल ने फिल्म पद्मावती को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को पत्र लिखा है।

By: Rajkumar

Updated: 12 Nov 2017, 08:20 PM IST

नई दिल्ली। फिल्म पद्मावती को लेकर हरियाणा में भी विवाद भड़क गया है। राज्य के दो मंत्री इसके विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बाद अब उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने फिल्म पद्मावती को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को पत्र लिखा है। गोयल ने पत्र लिखकर ऐतिहासिक तथ्यों को परखने की अपील की है।

उन्होंने लिखा कि फिल्म के ट्रेलर में अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन गलत है। उन्होंने भंसाली से अपील किया है कि वह गौरवमयी इतिहास को आगे रखें। फिल्म को बेचने के लिए या भव्य बनाने के लिए ऐतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ करना ठीक नहीं है। इससे पूर्व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ करने वाली इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। उन्होंने लिखा कि हरियाणा सरकार फिल्म पर बैन लगाने के लिए सेंसर बोर्ड में एप्रोच करेगी।

'आक्रांताओं को देश में महिमामंडित करने की इजाजत नहीं'

अनिल विज ने कहा कि आक्रांताओं को देश में महिमामंडित करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। संजय लीला भंसाली ने रानी पद्मावती के चरित्र से छेड़छाड़ करने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा कि फि़ल्म में आक्रांता अलाउदीन खिलजी को महिमामंडित करने का प्रयास है। किसी भी आक्रांता को भारत में महिमामंडित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। पद्मावती हिंदू समाज की आदर्श हैं। हिंदू समाज की स्त्रियों के सतीत्व और नारी धर्म का उनका चरित्र हनन करना मंजूर नहीं है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी फिल्म पद्मावती के विवाद पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर आपको किसी फिल्म में कुछ अच्छा लगता है। तो उसे आपको स्वीकार करना चाहिए। अगर आपको कुछ अच्छा नहीं लग रहा है तो उसे छोड़ देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैं फिल्म का ना तो सपोर्ट कर रहा हूं और ना ही उसका विरोध कर रहा हूं। मैं बस फिल्मों को फिल्मों की तरह ही देखता हूं।

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