हर पांच पंचायत पर एक खरीद केंद्र और 90 दिन तक होगी एमएसपी पर खरीदी- तोमर

  • पत्रिका कीनोट सलोन में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का ऐलान
  • मनरेगा और पीएम आवास योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति
  • मनरेगा के लिए 33 हजार करोड़ की राशि की जारी

 

By: Prashant Jha

Updated: 18 Apr 2020, 11:30 AM IST

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को पत्रिका के कीनोट कार्यक्रम में कहा कि लॉकडाउन के दौरान किसानों को कोई समस्या न हो इसका सरकार पूरा प्रयास कर रही है। रबी की फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करने के लिए खरीद केंद्र पांच गुना करने का फैसला किया गया है।

प्रत्येक पांच पंचायत पर एक अस्थाई खरीद केंद्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही राज्य सरकारों को सहूलियत देते हुए खरीद की तिथि घोषित करने के बाद 90 दिन अतिरिक्त देने का फैसला भी केंद्र की ओर से लिया गया है।

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केसीसी ऋण लेने की अंतिम तिथि 31 मई तक हुई

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पत्रिका कीनोट सलोन में फेसबुक के जरिए पत्रिका समूह के पाठकों और दर्शकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पाद के परिवहन के लिए अब रेल, ट्रक का उपयोग भी किया जा सकेगा। केंद्र ने एक और फैसला करते हुए सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) देने का फैसला किया गया है। साथ ही 4 फीसदी ब्याज पर केसीसी ऋण का फायदा देने के लिए केंद्र ने 31 मार्च की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई कर दिया है। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी

तोमर ने कहा कि ग्रामीण भारत में लॉकडाउन के दूसरे चरण में कई कार्य शुरू करने की अनुमति दी गई है। इसमें मुख्यतः मनरेगा योजना है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का मुख्य साधन है। मनरेगा का कार्य सुचारू रूप से चले इस दृष्टि से 33 हजार करोड़ की राशि जारी कर दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्थाएं मजबूती से काम कर रही हैं और इससे करोड़ों महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों को पहले बिना गारंटी के 10 लाख तक का ऋण दिया जाता था, जिसकी सीमा बढ़ाकर अब 20 लाख कर दी है।

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