महबूबा मुफ्ती बोलीं- हम नहीं चाहते थे अफजल गुरु को हो फांसी, अब परिजनों को सौंपा जाए अवशेष

महबूबा मुफ्ती ने एकबार फिर आतंकियों के लिए अपनी हमदर्दी का इजहार करते हुए संसद भवन पर हमले के आरोपी अफजल गुरु अवशेष को कश्मीर लाए जाने की मांग की है।

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) चीफ महबूबा मुफ्ती ने एकबार फिर आतंकी अफजल गुरु के लिए अपनी हमदर्दी का इजहार किया है। मुफ्ती ने विवादित बयान देते हुए कहा कि अफजल गुरू को फांसी नहीं होनी चाहिए थी।

परिवार को लौटाया जाए अफजल का अवशेष: महबूबा

एक प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अफजल की फांसी रोकने के लिए हमने राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। इतना ही नहीं मुफ्ती ने भारत की संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरू के शरीर के अवशेष को कश्मीर में वापस लाए जाने की भी मांग की है। इससे पहले भी कई मौके पर पूर्व सीएम ने कहा है कि पीडीपी और उनकी मांग है कि अफजल के अवशेष को उसके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाए।

पीडीपी सांसद ने पीएम को लिखा था खत

कुछ दिन पहले राज्यसभा में पीडीपी के सांसद मीर मोहम्मद फयाज ने भी अफजल गुरु का महिमामंडन किया था। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को इस संबंध में एक खत भी लिखा था। जिसमें उन्होंने अफजल गुरु और अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के संस्थापक मकबूल बट के अवशेष लौटाने की मांग की है। आगे उन्होंने सरकार के फैसले पर हमला बोलते हुए कहा कि फांसी और उसके शरीर को अभी तक वापस न देने का तत्कालीन सरकार का फैसला न केवल बेहद दुखद है, बल्कि सबसे बड़े लोकतंत्र पर गहरा धब्बा है। यह सभी तरह से एक असंवैधानिक कदम था।

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Chandra Prakash
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