लंदन में पीएम मोदीः जानिए 10 खास मुद्दों पर उनकी दमदार बातें

लंदन में मोदी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। इनमें सुरक्षा, विकास और सरकार की आलोचना भी शामिल हैं। पढ़िए, अहम मुद्दों पर 10 खास बातें

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Published: 19 Apr 2018, 10:06 AM IST

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों पांच दिनों के विदेश दौरे पर हैं। बुधवार को लंदन में उन्होंने अपनी ब्रिटिश समकक्ष थेरेसा मे और प्रिंस चार्ल्स से मुलाकात के साथ-साथ लिंगायत संत बसवेश्वर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। प्रधानमंत्री ने वहां थेरेसा मे के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 'भारत की बात, सबके साथ' कार्यक्रम में भी शिरकत की और महारानी एलिजाबेथ से भी मुलाकात की। पढ़िए, लंदन यात्रा के दौरान अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी की 10 बड़ी बातें...

1. आतंकवाद और रासायनिक हमले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ब्रिटेन के साथ मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करने की बात कही। सीरिया में हो रहे रासायनिक हमलों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कहीं भी और किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि आतंक का निर्यात करने वालों और पीछे से हमला करने वालों को भारत उसी की भाषा में जवाब देना जानता है। इस दौरान उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र भी किया और कहा, 'हमने सेना से साफ कह दिया था कि सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी आप पाकिस्‍तान को दे दें कि हमने उनके जवानों को मार दिया है। उनके पास समय है तो उसका शव उठा लें।'

2. कठुआ गैंगरेप केस
देशभर में कठुआ में हुए सामूहिक दुष्कर्म को लेकर गुस्सा है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं इस सरकार और उस सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं की गिनती में कभी शामिल नहीं हुआ। बलात्कार, बलात्कार होता है।'

3. कर्नाटक चुनाव
प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन में रहते हुए भी कर्नाटक चुनाव के लिए मास्टर स्ट्रोक खेल दिया और लंदन से लिंगायत कार्ड खेलते हुए संत बसवेश्वर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आपको बता दें कि कर्नाटक में थोड़े दिन में चुनाव होने हैं और 17 फीसदी जनसंख्या वाला लिंगायत समुदाय वहां निर्णायक माना जाता है।

4. सरकार की आलोचना पर
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आलोचना से ही लोकतंत्र पनपता है और सरकारें सतर्क रहती हैं। मैं मानता हूं कि मोदी सरकार की भरपूर आलोचना होनी चाहिए। अगर कोई आलोचना करता है तो मैं इसे सौभाग्य मानता हूं। लोग हमसे ज्यादा अपेक्षा कर रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि मोदी सरकार ऐसा कर सकती है। लोग जानते हैं कि जब वह कुछ कहते हैं तो सरकार उसे सुनती है और करती भी है।

5. स्वस्थ भारत
प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम देश में डेढ़ लाख से ज्यादा वेलनेस सेंटर बनाना चाहते हैं। योग को बढ़ावा देना चाहते हैं ताकि सेहतमंद जिंदगी को बल मिले। हमने मातृत्व अवकाश की अवधि 26 हफ्ते की है। करीब 50 लाख लोगों को सरकार पांच लाख रुपए तक का बीमा देगी। टियर-टू और टियर-थ्री शहरों में अच्छे प्राइवेट अस्पतालों का नेटवर्क खड़ा होगा।

6. नीति और नीयत पर
मोदी ने पिछली सरकारों से तुलना करते हुए कहा, 'तब और अब में जमीन-आसमान का अंतर है। जब नीति स्पष्ट हो, नीयत साफ हो और इरादे नेक हों तो उसी व्यवस्था से अपेक्षित परिणाम मिल सकते हैं। मैं गलतियां कर सकता हूं, लेकिन इरादे कभी गलत नहीं होंगे।'

7. बेसब्री की भावना पर
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर उम्र में, हर वक्त कुछ नया पाने की कोशिश जीवन को गति देती है। इसलिए जीवन में बेसब्री जरूरी है।

8. लोकतंत्र पर
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की तारीफ की और कहा, 'लोकतंत्र के देवताओं की नजर में सभी बराबर हैं, अगर वे चाहें तो एक चाय वाले को भी अपना प्रतिनिधि बना देते हैं। यही वजह है कि रेलवे स्टेशन पर रहने वाला आज लंदन के रॉयल पैलेस में हाथ मिलाने के काबिल हुआ।'

9. बदलाव पर
उन्होंने कहा, '18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी। कई महिलाओं की शौचालय तक पहुंच नहीं है। मेरे देश की ये वास्तविकता मुझे सोने नहीं देती है। मैं भारत के गरीबों की जिंदगी में बदलाव के लिए प्रतिबद्ध हूं।

10. जनता और सरकार के बीच दूरी बढ़ी
प्रधानमंत्री ने कहा, 'महात्मा गांधी ने पूरे देश को आजादी की लड़ाई के लिए जोड़ा था। आजादी के बाद सरकार और जनता के बीच दूरियां बढ़ गई। विकास को जन आंदोलन में तब्दील होना चाहिए। मैं जनता को साथ लेकर काम करने पर विचार कर रहा हूं।'

Prime Minister Narendra Modi
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