BJP को 785 करोड़ रुपये मिला चंदा, कांग्रेस से पांच गुना अधिक

चुनाव आयोग ने सभी दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर एक डेटा जारी किया है, जिसके अनुसार भाजपा को कांग्रेस से पांच गुना अधिक डोनेशन मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा को 2019-20 के बीच कॉरपोरेट्स, चुनावी ट्रस्टों और लोगों से कुल 785 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिला है।

By: Anil Kumar

Updated: 11 Jun 2021, 06:26 PM IST

नई दिल्ली। राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदा को लेकर समय-समय पर सियासत होती रही है और इसकी पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते रहे हैं। अब एक बार फिर से भाजपा को सबसे अधिक चुनावी चिंदा मिला है, जिसको लेकर सियासत होनी लाजमी है।

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को सभी दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर एक डेटा जारी किया है, जिसमें भाजपा को सबसे अधिक डोनेशन मिले हैं। भाजपा को कांग्रेस से पांच गुना अधिक चंदा मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा को 2019-20 के बीच कॉरपोरेट्स, चुनावी ट्रस्टों और लोगों से कुल 785 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिला है।

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भाजपा को चंदा देने कॉरपोरेट्स में आईटीसी, कल्याण ज्वैलर्स, रेयर एंटरप्राइजेज, अंबुजा सीमेंट, लोढ़ा डेवलपर्स और मोतीलाल ओसवाल शामिल हैं। न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट, जनकल्याण इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्रायम्फ इलेक्टोरल ट्रस्ट उन चुनावी ट्रस्टों में शामिल हैं जिन्होंने बीजेपी को चंदा दिया है।

इसके अलावा भाजपा नेताओं, पीयूष गोयल, किरण खेर, रमन सिंह और पेमा खांडू ने भी पार्टी के कोष में योगदान दिया। भाजपा सांसद राजीव चंद्रशेखर की जुपिटर कैपिटल ने चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार 15 करोड़ रुपये का दान दिया है।

कांग्रेस को मिले सिर्फ 139 करोड़ रुपये

भाजपा के अलावा यदि कांग्रेस की बात करें तो चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस को महज 139 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि सबसे कम भाकपा को 1.3 करोड़ रुपये मिले हैं। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 59 करोड़ रुपये और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बात करें तो 8 करोड़ रुपये चंदा मिला है। वहीं माकपा को 19.7 करोड़ मिले हैं।

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तेलुगू राज्यों की बात करें तो टीआरएस पार्टी को 89,55,21,348 रुपये मिले और करीब 41 लोगों ने ऊपर 20 हजार रुपये का योगदान दिया। टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने खुद पार्टी फंड में 2.50 लाख रुपये का दान दिया जो हैरान करने वाला है।

आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी वाईएसआरसीपी को 8,92,45,126 रुपये और टीडीपी को 2,60,64,011 रुपये का चंदा मिला। बता दें कि इस चंदे में 20,000 रुपये से कम दान मिलने वाली धनराशि को शामिल नहीं किया गया है।

बीजेपी को यहां से मिला सबसे अधिक चंदा

रिपोर्ट के अनुसार, आईटीसी समूह (₹76 करोड़), मैक्रोटेक डेवलपर्स और बीजी शिर्के कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी (₹35 करोड़), प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट (₹217.75) जैसी रियल एस्टेट कंपनियां करोड़) और जनकल्याण इलेक्टोरल ट्रस्ट (₹45.95 करोड़) ने भाजपा को सबसे अधिक दान दिया है।

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व्यापारिक घरानों के अलावा, भाजपा को शिक्षा संस्थानों और अपने ही सांसदों और विधायकों से भी अच्छी खासी रकम मिली है। मेवाड़ विश्वविद्यालय (₹2 करोड़), कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (₹10 लाख), सूरत स्थित जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल (₹2.5 लाख) और पठानिया पब्लिक स्कूल, रोहतक (₹2.5 लाख) सहित 14 शैक्षणिक संस्थानों ने पार्टी के चुनाव कोष योगदान दिया है।

नेताओं में राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने पार्टी को सबसे ज्यादा ₹2 करोड़ का चंदा दिया है। अन्य योगदानकर्ताओं में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाला खट्टर (₹5 लाख), अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू (₹1.1 करोड़) और अभिनेता से राजनेता बनी किरण खेर (₹6.8 लाख) ने भी दान दिया है। हालांकि, बीजेपी को चुनावी बॉन्ड से आय दिखाने के लिए अपना वार्षिक ऑडिट जमा करना बाकी है, जिसकी समय सीमा 30 जून को समाप्त हो रही है।

Anil Kumar
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