सिनेमा हॉल में खड़े होकर देशभक्ति का सबूत देने की जरूरत नहीं: प्रकाश राज

अभिनेता प्रकाश राज ने अभिनेताओं को राजनीति में आने को त्रासदी बताया, इस बयान पर सोशल मीडिया में विवाद होने पर दी सफाई

By: Rajkumar

Published: 12 Nov 2017, 08:58 PM IST

बेंगलूरु। बहुभाषी अभिनेता प्रकाश राज ने रजत पटल से राजनीति में आने वाले अभिनेताओं पर तंज कसते हुए कड़ा बयान दिया है। प्रकाश ने कहा कि अभिनेताओं का राजनीति में आना त्रासदी है। सिर्फ प्रशंसकों के सहारे अभिनेताओं का राजनीति में आना उचित नहीं है। रविवार को बेंगलूरु प्रेस क्लब में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रकाश राज, राजनीति से लेकर छविगृहों में राष्ट्रगान तक के मसलों पर खुलकर बोले।

अभिनेताओं के राजनीति में आने के परिप्रेक्ष्य में पूछे गए सवाल पर प्रकाश राज ने कहा कि मुझे अभिनेताओं का राजनीति में आना पसंद नहीं है। हाल ही में राजनीतिक आकांक्षाओं को व्यक्त करने वाले दक्षिण के दो बड़े अभिनेताओं- रजनीकांत और कमल हासन और नई पार्टी बनाने वाले कन्नड़ अभिनेता उपेंद्र का नाम लिए बगैर प्रकाश ने कहा कि कोई अभिनेता है और उसके प्रशंसकों की संख्या काफी ज्यादा है, सिर्फ इसलिए राजनीति में नहीं आना चाहिए। उनको हमेशा अपने प्रशंसकों के प्रति दायित्व के बारे में सजग रहना चाहिए।

हालांकि, इस मसले पर विवाद बढ़ने पर कुछ ही घंटे बाद प्रकाश ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। प्रकाश ने कहा कि उनके बातों की गलत व्याख्या की गई। प्रकाश ने ट्विटर पर दी गई सफाई में कहा कि अभिनेताओं को सिर्फ इस कारण राजनीति में नहीं आना चाहिए कि वे लोकप्रिय हैं। यह एक त्रासदी है। उन्हें उन मुद्दों पर स्पष्ट धारणा के साथ सामने आना चाहिए, जिनका सामना देश कर रहा है और फिर उन पर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए।

सिनेमाघरों में देशभक्ति दिखाने की जरुरत नहीं

प्रकाश ने सिनेमा घरों में राष्ट्रगान बजाने के मुद्दे पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी को भी सिनेमा हॉल में खड़े होकर अपनी देशभक्ति का सबूत देने की जरूरत है।

राजनीति में आने से इनकार

पिछले कुछ समय से राजनीतिक मसलों पर तीखी टिप्पणियों के कारण प्रकाश के सक्रिय राजनीति में भी आने की चर्चा होती रही है। हालांकि, रविवार को उन्होंने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनकी राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है।

मौका मिला तो 2014 की गलती सुधारेंगे लोग

प्रकाश ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोगों का एक तबका है, जो मौका मिलने पर 2014 की अपनी गलती को सुधारना चाहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक हालात काफी बदल चुका है। लोगों का एक खामोश तबका बड़ी तेजी से बढ़ा है, तो मौका मिलने पर अपनी गलती को सुधारना चाहेगा। उन्होंने कहा कि सत्ता विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश अच्छी नहीं है और हर राजनीतिक दल इस समस्या से ग्रस्त है।

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