10% सवर्ण आरक्षण बिल को राष्ट्रपति से मिली मंजूरी, 1 हफ्ते के भीतर बनेगा कानून

10% सवर्ण आरक्षण बिल को राष्ट्रपति से मिली मंजूरी, 1 हफ्ते के भीतर बनेगा कानून

Prashant Kumar Jha | Publish: Jan, 12 2019 07:25:58 PM (IST) | Updated: Jan, 13 2019 07:18:12 AM (IST) राजनीति

सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा और रोजगार में मोदी सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है।

नई दिल्ली: दोनों सदनों से 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण बिल पारित होने के बाद शनिवार को राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई। अब एक हफ्ते के भीतर इसे कानून का रूप दिया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी इस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय एक हफ्ते के भीतर इस कानून से जुड़े प्रावधानों को अंतिम रूप देगा। सामान्य वर्ग के आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों को नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मोदी कैबिनेट ने 7 जनवरी को मुहर लगाई थी। अगले दिन 8 जनवरी को इसके लिए लोकसभा में संविधान का 124वां संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया। लंबी चर्चा के बाद यह पास हो गया। 9 जनवरी को राज्यसभा में बिल पारित हुआ था। सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा और रोजगार में मोदी सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है।

 

दोनों सदनों से बिल हुआ पास

राज्यसभा में 9 जनवरी को आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास हुआ। बिल के समर्थन में 165 वोट डाले गए। वहीं 7 वोट इसके विरोध में पड़े। वहीं 8 जनवरी को लोकसभा में सवर्णों को 10 % आरक्षण बिल पास हो गया। संसद में लंबी चर्चा के बाद बिल पारित हो गया। बिल के पक्ष में 323 वोट पड़े हैं। इससे पहले राज्यसभा में आरक्षण बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। लेकिन यह प्रस्ताव खारिज हो गया।

पीएम ने खुशी जताई

संसद में बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने खुशी जताई । राज्यसभा से बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि राज्यसभा से बिल पास होने के बाद बेहद खुश हूं। यह सामाजिक न्याय की जीत है। पीएम मोदी ने संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

कांग्रेस-सपा ने किया समर्थन

बिल को सदन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने पेश किया। लंबी चर्चा के बाद विधेयक पारित हुआ। इससे पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। SP-कांग्रेस ने बिल लाने की टाइमिंग पर सवाल उठाए। एसपी-कांग्रेस ने बिल का समर्थन किया।

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