Rajya Sabha: आठ सांसदों के निलंबन के बाद धरने पर विपक्ष, बीजेपी ने बताया 'गुंडागर्दी'

  • Rajya Sabha में आठवें दिन आठ सांसदों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई
  • सभापति वेंकैया नायडू ने रविवा को हुए हंगामे के बाद आठ सासंदों को निलंबित कर दिया
  • निलंबित सांसदों ने नहीं छोड़ा सदन, कार्यवाही स्थगित होने के बाद दिया धरना

By: धीरज शर्मा

Published: 21 Sep 2020, 03:31 PM IST

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र ( Parliament Monsoon Session ) के आठवें दिन सोमवार को राज्यसभा ( Rajya Sabha ) में बड़ी कार्रवाई हुई। रविवार को हुए हंगामे के बाद सभापति वेंकैया नायडू ने आठ सांसदों को निलंबित कर दिया। सांसदों के निलंबन के बाद भी वे सदन में ही मौजूद रहे और जमकर हंगामा किया।
इससे पहले संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन विपक्ष के 8 सदस्‍यों को बाकी सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्‍ताव पेश किया।

ये प्रस्ताव सदन में ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद कई बार राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। आखिरकार कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं सांसदों के निलंबन के बाद विपक्ष धरने पर बैठ गया। जबकि बीजेपी ने विपक्ष के प्रदर्शन को लोकतंत्र पर भरोसा ना करने से जोड़ा।

संसद के मानसून सत्र के ाठवें दिन निलंबित हुए आठ सांसद, जानें क्या है वजह

इन सांसदों को किया गया निलंबित
उच्चन सदन में हंगामा करने वाले आठ सांसदों को सभापति वेंकैया नायडू ने सस्पेंड कर दिया है। निलंबित किए गए सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और एलमारन करीम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

गांधी प्रतिमा पर धरना
निलंबित किए सांसदों ने अपनी-अपनी पार्टी के अन्‍य सदस्‍यों के साथ गांधी प्रतिमा पर धरना दिया। वहीं, बीजेपी नेता और संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्षी सांसदों के व्‍यवहार को 'गुंडागर्दी' करार दिया है।


विपक्ष में आक्रोश
आठ सांसदों के निलंबन ने विपक्ष को जबरदस्त आक्रोशित कर दिया। तृणमूल कांग्रेस ने कहा इस तरह की कार्रवाई सरकार की निरंकुश मानिसकता दर्शाती है।

पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। यही नहीं ममता ने कहा कि वे संसद से लेकर सड़क तक हर जगह फासीवादी सरकार से लड़ेगी।

नीतीश बोले- गलत है विपक्ष का तरीका
वहीं विपक्ष के सांसदों के सदन में प्रदर्शन से लेकर हंगामे और उसके बाद धरने पर बैठने को लेकर एनडीए घटक दल जेडीयू के नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्ष के विरोध के तरीका ठीक नहीं।

उन्होंने कहा कि - राज्यसभा में रविवार को जो कुछ भी हुआ वह बहुत गलत, निंदनीय है। उन्‍होंने कहा कि अपनी बात रखने का एक तरीका होता है।

कई बार स्थगित हुई कार्यवाही
सदन की कार्यवाही सासंदों को निलंबित किए जाने के बाद हंगामे के चलते कई बार निलंबित हुई। पहले इसे 10 बजे निलंबित किया गया, इसके बाद 10.30 तक के लिए फिर 11 बजे और उसके बाद ज्यादा हंगामा होने पर 112 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

इसके बाद जब कार्यवाही शुरू हुई तो निलंबित सांसदों जोरदार हंगामा किया जिसके बाद कार्यवाही को मंगलवार सुबह 9 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

आपको बता दें कि इससे पहले सभापति वेंकैया नायडू ने भी रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे को लेकर दुखद बताया। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले उच्च सदन में कुछ विपक्षी सदस्यों का आचरण दुखद, अस्वीकार्य और निंदनीय है।

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खारिज हुआ विश्वास प्रस्ताव
नायडू ने उपसभापति हरिवंश के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने जो प्रारूप प्रस्तुत किया है वो सही नहीं है।

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धीरज शर्मा
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