भाजपा नेता राम माधव ने फिर छेड़ा एनआरसी का राग, अंतिम मसौदे से बाहर के लोगों को वापस भेजा जाएगा

भाजपा नेता राम माधव ने फिर छेड़ा एनआरसी का राग, अंतिम मसौदे से बाहर के लोगों को वापस भेजा जाएगा

Dhirendra Kumar Mishra | Publish: Sep, 11 2018 09:28:25 AM (IST) राजनीति

एनआरसी के दूसरे चरण में सरकारी दस्‍तावेजों से अवैध लोगों का नाम मिटाने का होगा।

नर्इ दिल्‍ली। भाजपा महासचिव राम माधव ने एक बार फिर इस बात के संकेत दिए हैं कि असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) की अंतिम मसौदे में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का मताधिकार छीन लिया जाएगा। ऐसे लोगों को वापस उनके देश भेज दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद से एक बार फिर एनआरसी का मुद्दा जोर पकड़ सकता है।

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तीन चरणों में होगी कार्रवाई पूरी
भाजपा नेता माधव ने कहा कि 1985 में हुए असम समझौते के तहत एनआरसी को संशोधित किया गया है। इसका मकसद राज्य के सभी अवैध प्रवासियों का पता लगाना और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता है। यह एक ऐसा दस्‍तावेज है जिससे सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस दिशा में अगला कदम अवैध लोगों का नाम सरकारी दस्‍तावेजों से मिटाने का होगा। यानी अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जाएगा। अंतिम चरण में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा।

अवैध प्रवासियों का धर्मशाला
उन्‍होंने अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाले जाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्‍तर पर भारत की छवि खराब होने का तर्क देने वालों को करारा जवाब देते हुए कहा कि बांग्लादेश भी म्यांमार के साथ सक्रिय बातचीत कर रहा है। ताकि लाखों रोहिंग्या लोगों को वहां से बाहर निकाला जा सके। उन्‍होंने कहा कि म्यांमार में अत्याचार का शिकार होने के बाद लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ले रखी है। दुनिया में कोई भी देश अवैध प्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करता, लेकिन भारत राजनीतिक कारणों से अवैध प्रवासियों के लिए धर्मशाला बन गया है। भारतीय राजनीतिक दल वोट बैंक के लिए ऐसा करते हैं। राजनीतिक दलों की ये सोच राष्‍ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

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