बंगाल में नहीं थम रहा बगावत का दौर, तृणमूल की बढ़ी चिंता

- पाला बदलने का खेल हुआ तेज।
- सियासी दांवपेच: डेढ़ साल में 1 दर्जन से ज्यादा विधायक हुए भाजपाई ।

By: विकास गुप्ता

Published: 28 Jan 2021, 01:23 PM IST

कोलकाता । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सियासी गहमागहमी बढऩे के साथ ही पाला बदलने का खेल भी तेज होता जा रहा है। खासकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में बगावत का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधायक और सांसद लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। कुनबा लगातार टूटने से जहां विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को झटका लग रहा है, वहीं भाजपा को मजबूती मिल रही है। ताजा मामला गणतंत्र दिवस के दिन सामने आया। तृणमूल के एक और विधायक ने बगावत का झंडा उठा लिया। उत्तरपाड़ा के तृणमूल कांग्रेस विधायक प्रवीर घोषाल ने हुगली जिले की कोर कमेटी और पार्टी प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया है। वे कई दिनों से पार्टी के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठा रहे थे। पार्टी छोडऩे को लेकर तभी से कयास लगाए जाने लगे थे, जब वह हाल ही में पार्टी प्रमुख की हुगली रैली में नहीं पहुंचे थे।

ऐसे हुई भगवा रंग में रंगने की शुरुआत-
दिग्गज तृणमूल नेताओं के भगवा रंग में रंगने की शुरुआत 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई। पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के दाहिने हाथ रहे मुकुल रॉय ने भाजपा का दामन थामा और उसके बाद अनुपम हाजरा, सौमित्र खान भाजपा में शामिल हो गए। इस बीच विधायक अर्जुन सिंह भी भाजपाई बने और उसका इनाम लोकसभा चुनाव में बतौर सांसद मिल गया। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राम नवमी के त्योहार तक पूरे अधिकारी परिवार में कमल खिलेगा।

गृह मंत्री का दौरा होगा महत्त्वपूर्ण-
गृह मंत्री अमित शाह 30 जनवरी को फिर आएंगे। उनके पिछले दौरे में टीएमसी के कई नेता भाजपा से जुड़े थे। इस बार भी वैसी ही कहानी सामने आ सकती है। तृणमूल के शुभेंदु अधिकारी के संग सुनील मंडल, मिहिर गोस्वामी, अरिंदम भट्टाचार्य, तापसी मंडल, सुदीप, सैकत पांजा, अशोक डिंडा, दीपाली विश्वास, एस. मुंडा, श्यामपदा मुखर्जी, बनश्री मैती और विश्वजीत ने भाजपा का दामन थामा था। इस बार राजीव बनर्जी का इस्तीफा कुछ वैसे ही संकेत दे रहा है।

कई और नेता भाजपा के संपर्क में -
सूत्रों के अनुसार प्रवीर घोषाल के अलावा कई नेता भाजपा के संपर्क में हैं। हाल में वन मंत्री राजीव बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, जबकि विधायक वैशाली डालमिया को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इनके भाजपा में आने की संभावना है। भाजपा नेताओं ने 40 से ज्यादा तृणमूल विधायकों के पार्टी से संपर्क में होने का दावा किया है।

अन्य दलों के लोगों को जोडऩे की जरूरत -
भाजपा को बंगाल में सत्ता में लाने के लिए अन्य दलों के लोगों को जोडने की जरूरत है। राज्य में भाजपा बढ़ती हुई ताकत है। तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य दलों के लोग हमसे जुड़ रहे हैं। हमें सत्ता में आने के लिए संख्या प्राप्त करनी है।
-दिलीप घोष, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, पश्चिम बंगाल

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