बताते चले कि संजय राउत की यह टिप्पणी भाषा विवाद पर तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री के. पोनमुडी के बयान पर सामने आई है। कोयंबटूर के भारथिअर विश्वविद्यालय में एक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पोनमुडी ने कहा था कि राज्य सरकार दो भाषा प्रणाली को लागू करने के लिए दृढ़ है। उसी पर विस्तार से, राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि दो भाषाएं अंग्रेजी थीं- एक अंतरराष्ट्रीय भाषा और तमिल- एक स्थानीय भाषा। इसी कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि बहुत से लोग कहते हैं कि अगर आप हिंदी बोलते हैं, तो आपको नौकरी मिल जाएगी। क्या आपको नौकरी मिली है? कोयंबटूर में देखें, या कहीं भी, केवल पानी पुरी बेचने वाले लोग हिंदी में बोलते हैं।