आम आदमी की छवि के सहारे फिर मुख्यमंत्री बनेंगे 'शिवराज'

  • भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार Shivraj Singh Chouhan
  • संगठन में अहम भूमिका से लेकर राजनीति में अलग पहचान
  • आम लोगों के बीच लोकप्रिय नेता की बनाई छवि

Dhiraj Kumar Sharma

20 Mar 2020, 02:38 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के दिग्गज नेताओं की बात करें तो शिवराज सिंह चौहान ( Shivraj singh Chouhan ) का नाम लिए बगैर ये जिक्र अधूरा होगा। बीजेपी के तेजतर्रार और आम आदमी के बीच लोकप्रिय छवि बनाने चुके मध्य प्रदेश की जनता में मामा नाम से पहचाने जाने वाले शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश का महारथी कहना गलत नहीं होगा।

अपनी दूरगामी सोच और सधी हुई राजनीतिक के दम पर शिवराज सिंह चौरान ने आम लोगों के बीच अपनी जोरदार पैठ बना ली है।

यही वजह है कि लोगों ने उनमें अपनापन महसूस किया और उन्हें एक दो नहीं बल्कि तीन बार प्रदेश की सत्ता पर काबिज किया। एक बार फिर यानी चौथी शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की कमान अपने हाथों में ले सकते हैं। आईए जानते हैं शिवराज के राजनीतिक सफर पर एक नजर...

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संगठन में अहम भूमिका निभानी हो या फिर प्रदेश की सत्ता चलानी हो, शिवराज सिंह हमेशा पार्टी के लिए अच्छी छवि वाले नेता रहे।

13 साल की उम्र में वह संघ से जुड़े और अब तक भाजपा को मध्य प्रदेश में मजबूती देने में लगे हुए हैं। पांच बार लगातार सांसद चुने गए। 13 साल तक लगातार मुख्यमंत्री रहे।

कांग्रेस पार्टी को मध्य प्रदेश की सत्ता से लगभग डेढ़ दशक तक दूर रखने में शिवराज सिंह ने चौहान ने बड़ी भूमिका निभाई।

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एक नजर शिवराज के सफर पर
1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से चुनाव जीते
1991 पहली बार लोकसभा चुनाव भी जीते
05 बार लगातार विदिशा सीट से लोकसभा चुनाव जीते
2005 से 2018 तक तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे
13 साल की उम्र में ही संघ से जुड़ गए थे शिवराज
2013 में ट्वीटर से जुड़े
53.2 लाख फॉलोअर 7 साल में जुड़े

शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश को भाजपा के लिए एक मजबूत गढ़ में तब्दील करने में बड़ी भूमिका निभाई। शिवराज के नेतृत्व में पार्टी ने राज्य में लोकसभा चुनाव में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया।
2014 के लोकसभा चुनावों में राज्य की कुल 29 में से 27 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा 2009 में 16 और 2004 में 25 सीटें भाजपा के कब्जे में आई थी।

Kamal Nath
धीरज शर्मा Reporting
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