25 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कर्नाटक: बागी विधायकों पर कार्रवाई करेंगी कांग्रेस, सिद्धारमैया करेंगे विधानसभा स्पीकर से बात

कर्नाटक में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस के 4 बागी और कुछ असंतुष्ट विधायकों के कारण राज्य में कुमारस्वामी की सरकार पर संकट बना हुआ है।
2 min read
Google source verification

image

Mohit sharma

Feb 08, 2019

news

कर्नाटक: बागी विधायकों पर कार्रवाई करेंगी कांग्रेस, सिद्धारमैया करेंगे विधानसभा स्पीकर से बात

नई दिल्ली। कर्नाटक में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस के 4 बागी और कुछ असंतुष्ट विधायकों के कारण राज्य में कुमारस्वामी की सरकार पर संकट बना हुआ है। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस के नेता व पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने पार्टी के बागी विधायकों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। सिद्धारमैया ने कहा है कि वह एक याचिका दायर कर विधानसभा स्पीकर से पार्टी के चार विधायकों को निलंबित करने की मांग करेंगे। वहीं, कांग्रेस नेतृत्व के इस फैसले से पार्टी में हड़कंप मच गया है।

यह खबर भी पढ़ें— पीएम मोदी ने की लोगों से अपील, पूर्वोत्तर यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर करें शेयर

यह खबर भी पढ़ें— शिवसेना ने दिए एनडीए छोड़ने के संकेत, अकेले चले थे और अकेले चलेंगे!

दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित

आपको बता दें कि कांग्रेस की ओर से जारी व्हिप के बावजूद भी पार्टी के 4 विधायक बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन सदन से गायब थे। इन विधायकों में कांग्रेस के बागी विधायक रमेश झारकिहोली, महेश कुमातल्ली, उमेश जाधव और बी. नागेंद्र संपर्करहित के नाम शामिल है। वहीं, कांग्रेस विधायक दल(सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ये सदस्य शुक्रवार को सीएलपी की बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिद्धारमैया ने ऐसे लोगों पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित करने की बात कही थी।

यह खबर भी पढ़ें— कांग्रेस की बैठक में राहुल से अलग बैठक दिखाई दीं प्रियंका गांधी, पार्टी नेताओं में शुरू हुई चर्चा

कांग्रेस के महागठबंधन वाली सरकार

दरअसल, कर्नाटक में जनता दल-सेकुलर(जेडी-एस) और कांग्रेस के महागठबंधन वाली सरकार है। इस गठबंधन वाली सरकार के सीएम एच.डी. कुमारस्वामी को शुक्रवार को अगले वित्तीय वर्ष(2019-20) के लिए बजट पेश करने है। ऐसे में सदन में सभी विधायकों की मौजूदगी जरूरी बताई गई थी।