कर्नाटक में फिर कांग्रेस और जेडीएस में बवाल, सिद्धारमैया की इस चिट्ठी से मची सनसनी

कर्नाटक में फिर कांग्रेस और जेडीएस में बवाल, सिद्धारमैया की इस चिट्ठी से मची सनसनी

Kaushlendra Pathak | Publish: Jul, 12 2018 12:47:19 PM (IST) राजनीति

कर्नाटक में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के सिद्धरमैया की चिट्ठी ने सनसनी मचा दी है।

नई दिल्ली। कर्नाटक में सियासी घमामसान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है यहां नई सरकार का गठन हुए, लेकिन सियासी तकरार लगातार जारी है। पांच जुलाई को राज्य का बजट पास होने के बाद एक बार फिर कांग्रेस और जेडीएस में राजनीति घमासान शुरू हो गया है। सिद्धरमैया की एक चिट्ठी से कर्नाटक में एक बार फिर सियासी 'नाटक' शुरू हो गया है।

सिद्धरमैया की चिट्ठी से सनसनी

दरअसल, मौजूदा विवाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के उस बजट प्रस्ताव पर है, जिसमें कहा गया है कि अन्न भाग्य स्कीम के तहत गरीबों के लिए प्रति किलो चावल पर 1 रुपय दाम कम करके पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए जाएं। इस बाबत सिद्धारमैया ने कुमारस्वामी को एक चिट्ठी लिखी है। सिद्धारमैया ने कुमारस्वामी को लिखी चिट्ठी में कहा है कि सीएम को 34,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफी के लिए फंड इकट्ठा करने के लिए चावल की मात्रा प्रति व्यक्ति 7 किलो से 5 किलो नहीं करनी चाहिए। गौरतलब है कि सिद्धारमैया अपनी सरकार की योजना अन्न भाग्यपर काफी गर्व करते हैं, जिसमें राज्य के 3 करोड़ लोगों को लाभ हुआ। जानकारी के मुताबिक, सिद्धारमैया इस योजना में मौजूदा सरकार की ओर से की जा रही कटौती से खुश नहीं है। अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि चावल की 2 किलो मात्रा कम कर देने से हर वर्ष 600-700 करोड़ रुपये ही बचेंगे। उन्होंने कुमारस्वामी को सलाह दी है कि वह पेट्रोल और डीजल पर सरकार लेवी ना बढ़ाए, जिससे इनके दाम बढ़ सकते हैं। इस खत के जरिए दोनों ही पार्टियों के बीच चल रहा भतभेद अब खुलकर सामने आ गया।

मौके को भुनाने में जुटी भाजपा

इधर, जेडीएस और कांग्रेस के बीच शुरू हुए सियासी घमासान को भाजपा भुनाने में जुट गई है। कर्नाटक के भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि सिद्धारमैया की चिट्ठी ने जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार के बीच गहरे अलगाव को सामने ला दिया है। राजनातिक सूत्रों के मुताबिक, इस विवाद के बाद एक बार फिर भाजपा यहां सक्रिय हो गई है और मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, जेडीएस की ओर इस खत का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। अब देखना यह है कि जेडीएस और कांग्रेस का यह विवाद कर्नाटक की राजनीति में क्या रंग लाती है।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned