तेलंगानाः राव के दांव और कांग्रेस के पेंच के बीच चुनाव आयोग पर टिकी सबकी निगाह, 11 को प्रदेश में अहम दौरा

तेलंगानाः राव के दांव और कांग्रेस के पेंच के बीच चुनाव आयोग पर टिकी सबकी निगाह, 11 को प्रदेश में अहम दौरा

Dhiraj Kumar Sharma | Publish: Sep, 09 2018 02:01:02 PM (IST) | Updated: Sep, 09 2018 02:33:49 PM (IST) राजनीति

तेलंगाना में विधानसभा चुनाव को लेकर तेज हुआ सियासी खेल, राव के दांव पर कांग्रेस ने फंसाया पेंच लेकिन गेंद अब आयोग के पाले में। 11 सिंतबर को आयोग करेगा प्रदेश का दौरा।

नई दिल्ली। तेलंगाना के सिंहासन पर फिर से काबिज होने के लिए चंद्रशेखर राव ने जल्द चुनाव का दांव चला। इसके लिए उन्होंने आननफानन में विधानसभा भंग कर डाली और चुनाव आयोग से जल्द चुनाव करने की मांग की। उधर.. कांग्रेस ने राव के इस दांव में पेंच फंसा दिया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से पहले मतदाता सूची की जांच करवाने के बाद ही चुनाव करवाने की दरख्वास्त की है। यानी अब तेलंगाना के चुनाव की गेंद अब पूरी तरह आयोग के पाले में आ चुकी है। चुनाव नवंबर होंगे या नहीं चार राज्यों के साथ होंगे या नहीं, कांग्रेस का पेंच काम करेगा या नहीं इन सब सवालों के जवाब अब आयोग की पोटली में बंद हैं।

इस दलील से कांग्रेस ने फंसाया पेंच
चंद्रशेखर राव के चुनावी खेल को बिगाड़ने के लिए कांग्रेस ने अपने तरकश से सियासी बाण निकाला और खटखटा दिया चुनाव आयोग का दरवाजा। कांग्रेस ने टीआरएस चीफ चंद्रशेखर राव की ओर से नवंबर में चुनाव कराए जाने के बयान का चुनाव आयोग के समक्ष यह कहते हुए विरोध किया है कि इलेक्शन से पहले वोटिंग लिस्ट की जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस ने आयोग को लिखे पत्र में कहा कि चुनाव से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।


मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत को लिखे पत्र में कांग्रेस ने कहा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की वोटर लिस्ट में ड्युप्लिकेट/मल्टीपल एंट्रीज थीं और तमाम गड़बड़ियां थीं। इन तीनों ही राज्यों में नवंबर में चुनाव हो सकते हैं और केसीआर चाहते हैं कि तेलंगाना के चुनाव भी इन राज्यों के साथ ही करा लिए जाएं।

कांग्रेस ने कहा कि 'निश्चित तौर पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की तरह तेलंगाना भी यदि वोटर लिस्ट में कुछ कमी है तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चुनाव में उतरने से पहले वोटर लिस्ट पूरी तरह से दुरुस्त की जानी चाहिए। हमें उम्मीद और विश्वास है कि कानून के मुताबिक ऐसा किया जाएगा।'

उधर...चंद्रशेखर राव चाहते हैं कि चुनाव आयोग नवंबर में अन्य राज्यों के साथ तेलंगाना का चुनाव भी करवा दे ताकि विरोधी पार्टियों को तैयारी का वक्त कम मिले और वे अपनी रणनीति में सफल हो जाएं। आपको बता दें अप्रैल 2019 में राव सरकार का कार्यकाल खत्म हो रहा है, ऐसे में राव को डर है कि उस दौरान आम चुनाव होना है ऐसे मोदी लहर या फिर कांग्रेस के बढ़ते ग्राफ का असर उनके चुनाव पर न पड़ जाए।

 

 

11 सितंबर को तेलंगाना का दौरा करेगी EC टीम

आपको बता दें कि चुनाव आयोग की टीम 11 सितंबर मंगलवार को तेलंगाना का दौरा करेगी। इस दौरान टीम इस बात का जायजा लेगी कि विधानसभा भंग किए जाने के बाद प्रदेश में चुनाव कब तक कराए जा सकते हैं। या चुनाव को लेकर प्रदेश कितना तैयार है। इसके बाद चुनाव तारीखों को ऐलान का निर्णय लिया जाएगा। बहरहाल कांग्रेस के पेंच और राव के दांव का जवाब अब पूरी तरह चुनाव आयोग की मुट्ठी में है। अब देखना ये है कि चुनाव आयोग इस पूरी कवायद में क्या निर्णय लेता है। अभी इस पूरे खेल में भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में उम्मीद है कि भाजपा भी इस सियासी जंग में अपना रंग भर सकती है।

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