भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो के खिलाफ दो एफआईआर, चुनाव अधिकारी ने लिया बयान वापस

भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो के खिलाफ दो एफआईआर, चुनाव अधिकारी ने लिया बयान वापस

Amit Kumar Bajpai | Publish: Apr, 22 2019 09:37:32 PM (IST) | Updated: Apr, 22 2019 11:06:34 PM (IST) राजनीति

  • भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज होने की खबर।
  • एसीईओ ने वापस लिया बयान और कहा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की है शिकायत।
  • पहले एसीईओ ने कहा था कि चुनाव आयोग ने दर्ज कराई हैं सांसद के खिलाफ दो एफआईआर।

नई दिल्ली। आसनसोल से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ निर्वाचन आयोग द्वारा दो एफआईआर दर्ज करवाए जाने के बयान को अब स्थानीय चुनाव अधिकारी ने वापस ले लिया है। अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी संजॉय बसु ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जारी बयान वापस ले लिया हैै।

दरअसल आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बाबुल सुप्रियो के खिलाफ सोमवार को दो एफआईआर दर्ज कराई गईं। हालांकि बाद में अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी संजॉय बसु ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा, "रविवार को सुप्रियो के चुनाव अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों को उनके कामकाज से रोकने के लिए अंडल पुलिस द्वारा यह शिकायत स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज की गई।"

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इससे पहले खबरें आईं थी कि चुनाव आयोग ने सुप्रियो के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करवाई थीं। इससे पहले मार्च में चुनाव आयोग ने बाबुल सुप्रियो के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

 

इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजॉय बसु ने कहा था कि उस वक्त निर्वाचन आयोग बाबुल सुप्रियो के चुनावी अभियान की काफी करीब से निगरानी कर रहा है। बसु के मुताबिक, 'निर्वाचन आयोग ने यह ताजा कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा उस गाने पर दर्ज कराई गई आपत्ति की शिकायत के बाद की है। उस वक्त बसु ने कहा था कि सुप्रियो ने बिना इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल साइट्स के प्रमाण पत्र के यह गाना प्रमोट किया है।'

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बसु ने कहा था, "यह आचार संहिता उल्लंघन का मामला है। हमने बाबुल सुप्रियो को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें 48 घंटे के भीतर इस नोटिस का जवाब दाखिल करना है। जहां तक सामग्री (गाने के बोल) की बात है, हमें ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से दूसरी शिकायत मिली थी।"

पहले सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबुल सुप्रियो के खिलाफ पहली एफआईआर बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के चुनावी गाना गाने पर हुई है। आपत्तिजनक शब्दों वाले इस चुनावी गाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अनुमति नहीं दी थी। जबकि दूसरी एफआईआर मतदान पैनल द्वारा रजिस्टर कराई गई है, जो चुनावी रैली के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे और सुप्रियो ने एक चुनाव अधिकारी का कैमरा छीन लिया था।

वहीं, बाबुल सुप्रियो ने खुद का बचाने के लिए यह दावा किया था कि उन्होंने यह म्यूजिक वीडियो नहीं बनाया और रिकॉर्डिंग के दौरान चुनाव अभियान का गाना एक मीडिया हाउस ने कवर किया था। सुप्रियो ने कहा कि उन्होंने यह गाना पार्टी सदस्यों के साथ शेयर किया था और संभवता उन्हीं में से किसी ने इसे सर्कुलेट कर दिया।

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