शिवसेना: उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, 2014 में भाजपा ने की थी देश की जनता से ठगी

भाजपा और शिवसेना के बीच कड़वाहट इतना बढ़ गया है कि दोनों का एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ना मुश्किल है।

By: Dhirendra

Published: 24 Jul 2018, 12:31 PM IST

नई दिल्‍ली। भाजपा और शिवसेना की बीच फैली दरार को अब पाटना नामुमकिन जैसा हो गया है। इस बात का संकेत सामना में प्रकाशित उद्धव ठाकरे के साक्षात्‍कार से कल हो गया था। लेकिन मंगलवार को साक्षात्‍कार का दूसरा हिस्‍सा प्रकाशित होने के बाद लगभग यह तय हो गया है कि 2019 लोकसभा चुनाव में दोनों के बीच एका संभव नहीं है। साक्षात्‍कार के दूसरे भाग में शिवसेना प्रमुख ने कहा कि 2014 में भाजपा को भारी बहुमत जनता का फैसला नहीं, बल्कि जनता से ठगी थी। बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे का साक्षात्‍कार लिया था।

दूसरे भाग में ठाकरे ने क्‍या कहा?
सामना में प्रकाशित साक्षात्‍कार के दूसरे भाग में उद्धव ठाकरे ने चुनावों में फूंके जाने वाले पैसों पर बात की है। उन्‍होंने भाजपा से पूछा है कि वो इस बात का जवाब दे कि पास चुनाव लड़ने के लिए इतने पैसे कहा से आते हैं। उन्‍हेंने कहा कि पिछले 50 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी सत्‍ताधारी पार्टी ने चुनाव पर पानी की तरह पैसा बहाया हो। इस प्रकार की नई राजनीति नए चाणक्य ने शुरू की है। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि भाजपा जिस तरह से एक के बाद एक राज्‍यों में चुनाव जीतती जा रही है, उसमें एक वजह चुनाव में पैसा लगाना भी है। आपको बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे का इंटरव्यू लिया था। साक्षात्‍कार के पहले भाग में भी ठाकरे ने मोदी सरकार पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा था कि मैं, पीएम मोदी के सत्ता के सपनों के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के सपनों लिए लड़ रहा हूं।

शिवसेना के साथ चुनाव लड़ना संभव नहीं
इससे पहले सोमवार को भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने भी अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए थे। उन्‍होंने महाराष्‍ट्र इकाई भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से प्रदेश के सभी 48 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्‍होंने इस बात के भी संकेत दे दिए थे कि शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ना अब नामुमकिन जैसा है। आपको बता दें कि शिवसेना द्वारा लोकसभा में विश्‍वासमत के दौरान मतदान में शामिल नहीं हुई थी। न ही भाजपा का समर्थन किया था। इस बात से अमित शाह खासे नाराज हैं। इस घटना के बाद से ही उन्‍होंने संकेत दे दिया कि अब बहुत हो गया है। इसलिए भाजपा को महाराष्‍ट्र में अकेले दम पर चुनाव की तैयारी शुरू कर देने की जरूरत है।

भाजपा को जवाब देना होगा
शिवसेना प्रमुख ने भाजपा से हर चुनाव में बेहिसा पैसा कहां से आता है इस बात का जवाब नहीं दिया है। ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने नई राजनीति शुरू की है। उन्‍होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक सवाल के जवाब में उद्धव ने कहा है कि दूसरे की चाटुकारिता करने की बजाय वो बॉस बनना पसंद करेंगे।

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