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विजय माल्या ने बढ़ाई मोदी सरकार की मुश्किलें, केजरीवाल ने निकाला स्वामी का पुराना ट्वीट

विजय माल्या के जेटली से मिलने वाले दावे के बीच अरविंद केजरीवाल ने एक ऐसा ट्वीट शेयर किया है, जिसे लेकर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है।
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Chandra Prakash Chourasia

Sep 12, 2018

Vijay Mallaya

विजय माल्या ने बढ़ाई मोदी सरकार की मुश्किलें, केजरीवाल ने निकाला स्वामी का पुराना ट्वीट

नई दिल्ली। भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपए की धोखाखड़ी मामले में देश छोड़कर फरार शराब व्यापारी विजय माल्या के एक सनसनीखेज बयान ने देश की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। माल्या ने बुधवार को दावा किया कि 2016 में भारत छोड़ने से पहले उसने वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। जिसके बाद जेटली को सफाई देनी पड़ गई। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर हमला करते हुए कहा है कि जेटली को देश से यह बताना चाहिए कि इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी। इसके साथ ही बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का तीन महीने पुराने ट्वीट को रिट्वीट करके चर्चा में ला दिया है।

चर्चा में आया सुब्रमण्यम स्वामी का पुराना ट्वीट

केजरीवाल ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी के एक पुराने ट्वीट को भी रिट्वीट किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने 12 जून, 2018 की रात एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि माल्या देश नहीं छोड़ सकता क्योंकि एयरपोर्ट पर उसके खिलाफ कड़ा लुक आउट नोटिस जारी हो चुका था। इसके बाद वे दिल्ली आया और उसने किसी ताकतवर शख्स से मुलाकात की जो विदेश जाने से रोकने वाले उस नोटिस को बदल सकता था। वो शख्स कौन था जिसने नोटिस को कमजोर किया।

केजरीवाल ने पूछा- वित्त मंत्री ने अब तक क्यों छिपाई?

अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कई ट्वीट कर कहा कि वित्त मंत्री को जवाब देना है और निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी जानकारी है। वित्त मंत्री ने अब तक यह बात क्यों छिपाई? केजरीवाल ने सवाल किया कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का आरोपी नीरव मोदी देश छोड़ने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला, विजय माल्या देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मिला, इन मुलाकातों के दौरान क्या बातचीत हुई, देश की जनता जानना चाहती है।

जेटली ने कहा- मिला तो था लेकिन बात नहीं हुई

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विजय माल्या के दावे को खारिज कर दिया है। जेटली ने कहा कि वह (माल्या) राज्यसभा का सदस्य थे और कभी-कभार संसद आया करते थे। एक बार जब मैं सदन से अपने कक्ष जा रहा था, उन्होंने विशेषाधिकार का फायदा उठाया। मंत्री ने कहा कि वह तेजी से मेरी तरफ आगे बढ़े और एक वाक्य कहा कि 'मैं सेटलमेंट का ऑफर दे रहा हूं'। जेटली ने कहा कि चूंकि वह उनके पहले के झूठे वादों को जानते थे इसलिए मैंने उन्हें आगे बातचीत करने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि मुझसे बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है और उसे अपने ऑफर को बैंकों को देना चाहिए। मैंने उनके हाथ में पकड़े पेपर तक को नहीं लिया था। जेटली ने कहा कि इस एक वाक्य की बातचीत के अलावा उन्होंने कभी भी माल्या को मिलने का समय नहीं दिया। जेटली ने कहा कि उन्होंने 2014 के बाद मुलाकात के लिए माल्या को कभी समय नहीं दिया और कि मुझसे मुलाकात का प्रश्न ही नहीं उठता।

माल्या के इस बयान से आया राजनीतिक तूफान

दरअसल माल्या ने लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा कि मेरी जेनेवा में एक बैठक प्रस्तावित थी। भारत छोड़ने से पहले मैंने वित्तमंत्री से मुलाकात की थी..बैंकों के साथ मामला निपटाने का अपना प्रस्ताव मैंने दोहराया था। यह सच है। माल्या इस अदालत में भारतीय अधिकारियों द्वारा दाखिल प्रत्यर्पण मामले का सामना कर रहा है।

मुझे बीजेपी और कांग्रेस पसंद नहीं करती: विजय माल्या

बता दें कि 9000 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में माल्या ने दो मार्च, 2016 को भारत छोड़ दिया था। उसने दावा किया कि भारत की दो बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस उसे पसंद नहीं करती हैं। उसने कहा कि मैं एक राजनीति फुटबॉल हूं..जहां तक मेरा सवाल है, मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष समग्र अदायगी प्रस्ताव दिया है। मुझे उम्मीद है कि सम्मानीय न्यायाधीश इसपर ध्यान देंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने बकाए राशि को चुकाएंगे? माल्या ने कहा कि निश्चित तौर पर, इसलिए समाधान प्रस्ताव दिया गया है। माल्या ने कहा कि बैंकों ने उसके समाधान प्रस्ताव को खारिज कर दिया।