कांग्रेस ने एनरॉन मामले में पाकिस्तानी वकील क्यों रखा था : भाजपा

कांग्रेस ने एनरॉन मामले में पाकिस्तानी वकील क्यों रखा था : भाजपा
Khawar Qureshi

भाजपा नेता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने संवाददाताओं से कहा, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत में भारत का पक्ष रखने के लिए खावर कुरेशी के अलावा कोई और नहीं मिला

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने साल 2004 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत में एनरॉन मामले में भारत का पक्ष रखने के लिए पाकिस्तानी मूल के वकील की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। भाजपा नेता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने संवाददाताओं से कहा, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत में भारत का पक्ष रखने के लिए खावर कुरेशी के अलावा कोई और नहीं मिला, वही खावर कुरेशी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान का मुकदमा लड़ा।

उल्लेखनीय है कि आईसीजे ने कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान को अंतिम फैसला आने तक जाधव को फांसी न देने का आदेश दिया। राव ने कहा, कांग्रेस द्वारा पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा होने तथा उसके पक्ष में बोलने की कई घटनाएं हम देख चुके हैं। हम सर्जिकल स्ट्राइक मामले में भी देख चुके हैं, जब उन्होंने हमारी सेना पर सवाल उठाए।

भाजपा नेता ने कहा कि साल 2004 में केंद्र में सत्ता में आने के साथ कांग्रेस ने उसने सबसे पहला कदम मध्यस्थता के मामले में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों की पूरी टीम को बदलने का उठाया।

उन्होंने कहा, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार ने साल 2004 में एक पाकिस्तानी वकील क्यों रखा? क्या कांग्रेस को भारतीय वकीलों पर भरोसा नहीं था? भाजपा ने कहा कि एनरॉन मामला बेहद संवेदनशील तथा देश के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है, आश्चर्य होता है कि जब देश का ढेर सारा पैसा तथा छवि की बात हो, तो भारत कुरेशी जैसे वकील को कैसे रख सकती है।


कुलभूषण जाधव मामले में जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी, जानें क्या कहा?

मुंबई। भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी दिए जाने के फैसले पर पाकिस्तान की चौतरफा आलोचना हो रही है। जाने-माने लेखक व गीतकार जावेद अख्तर ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है। जावेद ने कहा कि पाकिस्तान का ये कदम सही नहीं होगा। जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा है कि यदि पाकिस्तान जाधव को नुकसान पहुंचाता है, तो वो 65, 71 और करगिल से बड़ी गलती करेगा। जावेद अख्तर ने आगे लिखा कि मुझे उम्मीद है कि वे जानते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है।

जावेद अख्तर ने कड़े शब्दों में कहा है कि कुलभूषण को फांसी देने के बारे में पाकिस्तान सोचे भी नहीं... यह उसके लिए किसी भी मायने में ठीक नहीं होगा। बता दें कि ये पहला मामला नहीं है, जब पाकिस्तान ने किसी भारतीय नागरिक को फांसी की सजा दी हो। इससे पहले भी पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक सरबजीत पर जासूसी का आरोप लगाकर उसे फांसी की सजा दी थी। बाद में पाकिस्तानी जेल में उसकी हत्या हो गई थी।
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned