भाजपा नेता यशवंत सिन्हा बोले, वित्त मंत्री जेटली गुजरात के लिए बोझ

भाजपा नेता यशवंत सिन्हा बोले, वित्त मंत्री जेटली गुजरात के लिए बोझ

prashant jha | Publish: Nov, 14 2017 09:59:36 PM (IST) राजनीति

उन्होंने कहा कि जब इस देश में राजशाही थी, तब भी लोकशाही थी। लोकशाही का मतलब सहमति है, जिसमें विपक्ष और जनता की भी सहमति होनी चाहिए।

अहमदाबाद: तीन दिन के दौरे पर गुजरात पहुंचे पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली गुजरात के लोगों पर बोझ हैं। यदि जेटली यहां से राज्यसभा चुनकर नहीं जाते तो किसी और गुजराती को जगह मिलती।

ये पूरी हिटलरशाही-सिन्हा

अहमदाबाद से दौरे की शुरुआत करते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अहमदाबाद में मोदी सरकार को हिटलरशाही करार दिया। नाम लिए बिना पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सिन्हा ने कहा कि देश में इस समय कहा जा रहा है कि 70 सालों से कुछ नहीं हुआ, तो क्या वाजपेयी सरकार में जो काम हुए वो क्या थे। सिन्हा ने कहा कि ये तो पूरी हिटलरशाही है। उन्होंने कहा कि जब इस देश में राजशाही थी, तब भी लोकशाही थी। लोकशाही का मतलब सहमति है, जिसमें विपक्ष और जनता की भी सहमति होनी चाहिए।

जीएसटी नोटबंदी पूरी तरह विफल-सिन्हा

सिन्हा ने जीएसटी और नोटबंदी पर जमकर निशाना साधा। सिन्हा ने कहा कि अगर जीएसटी आजादी के बाद इतना ही बड़ा सुधार है, तो इसमें लगातार परिवर्तन क्यों करना पड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे जीएसटी ला दिया गया, इसके लिए जो फॉर्म लाया गया है, वो इतना मुश्किल है कि आम व्यापारी वो फार्म भर भी नहीं सकता। गौरतलब है कि बुधवार को वे राजकोट जाएंगे और गुरुवार को सूरत में उनका कार्यक्रम है। वे यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे।

पार्टी ने नहीं बुलाया, खुद हालात जानने आया हूं-सिन्हा

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि उन्हें भाजपा ने गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए नहीं बुलाया है और ना ही इसके लिए कुछ कहा गया है। उन्हें यह भी नहीं लगता है कि उन्हें बुलाया भी जाएगा। राज्य में चुनावी माहौल में उनके अचानक गुजरात आने के सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। खुद को भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में नहीं बताते हुए उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर नहीं आए हैं। वे किसी चुनावी सभा में भाग लेने नहीं जा रहे हैं। वे एक आम नागरिक की तरह देश की आर्थिक स्थिति की चिंता को लेकर गुजरात के दौरे पर आए हैं, लेकिन वे इतना जरूर चाहते हैं कि गुजरात के लोगों को यह चुनाव जीतना चाहिए।

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