जजों के मुद्दों को गंभीरता से लेने की जरूरत, डर के चलते लोग कुछ भी नहीं बोल रहे- यशवंत सिन्हा

prashant jha

Publish: Jan, 13 2018 05:46:16 (IST) | Updated: Jan, 13 2018 05:46:17 (IST)

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जजों के मुद्दों को गंभीरता से लेने की जरूरत, डर के चलते लोग कुछ भी नहीं बोल रहे- यशवंत सिन्हा

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉंफ्रेंस कर कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय में इस समय सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के 4 सीनियर जजों द्वारा मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली के खिलाफ उठाई गई आवाज पर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी में पिछले कुछ समय से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने शनिवार को कहा कि यह हमारा फर्ज है कि हम जजों की ओर से उठाए गए सही सवालों पर विचार करें। यशवंत सिन्हा ने कहा कि जो लोग देश और लोकतंत्र की परवाह करते हैं, उनकी आवाज को आगे बढ़ानी चाहिए। लेकिन लोग डर से कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर चार सीनियर जज जनता में अपनी बात रख रहे हैं तो यह यह केवल सुप्रीम कोर्ट का मामला कैसे हो सकता है। यह बेहद ही गंभीर मामला है। जिन लोगों को देश के भविष्य और लोकतंत्र की चिंता है, उन्हें इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए।

मंत्री भी बोलने से बचते हैं

यशवंत सिन्हा ने कहा कि कुछ कैबिनेट मंत्री इस मामले में चुप हैं। क्योंकि, उन्हें डर है कि अगर वो कुछ बोलते हैं तो उनकी कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए महसूस करने वाले हर नागरिक को बोलना चाहिए।

सिन्हा ने केंद्र पर साधा निशाना

सिन्हा ने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहता कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट से आगे आकर कोई कार्रवाई करनी चाहिए। बल्कि मैं यह कहना चाहता हूं कि सरकार को लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस मामले को गंभीरता से लेनी चाहिए।गौरतलब है कि बीजेपी ने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। बीजेपी ने इसे सुप्रीम कोर्ट का आंतरिक मामला बताया है। वहीं राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाया है।

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4 जजों ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों ने एक साथ प्रेस कॉंफ्रेंस की थी। जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में इस समय सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को लेकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र भी लिखा था। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हुए थे।

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